ऐ दिल है मुश्किल फिल्म समीक्षा

ऐ दिल है मुश्किल फिल्म समीक्षा
ऐ दिल है मुश्किल फिल्म समीक्षा
ऐ दिल है मुश्किल फिल्म समीक्षा 
कहानी – अयान ( रणबीर कपूर) को अलिज़ेह ( अनुष्का ) से प्यार हो जाता है पर अलिज़ेह उसी सिर्फ एक दोस्त की तरह ही प्यार करती है.  बाद  मे अयान के जिंदगी मे सबा ( ऐश्वर्या राय ) आती है।  उसके साथ रहने से अयान को अलिज़ेह की कीमत पता चलती  है।  वो उसके दोस्ती को कबूल कर लेता है।
समीक्षा
यह फिल्म करन जोहर ने निर्देशित की है।  उनका निर्देशन ठीक ठाक है पर कहानी में ज्यादा दम नही है।
अयान और अलिज़ेह एक डिस्को  मे मिलते हैं जहाँ उनके दोस्ती  हो जाती  है।  वो एक दुसरे को  गाली देते है, चिड़ाते हैं।  दोनों बॉलीवुड पागलो के तरह पुराने गाने गाते हैं और एक दोसरे के पार्टनर पर तीखे और कटाक्ष बातो से प्रहार  करते है।   दोनों की  रोज मुलाकात होती  है और दोनों एक दुसरे की  ज़िन्दगी का सहारा बन जाते हैं, पर अयान इस रिश्ते से और भी बहुत  कुछ चाहता है।  अलिज़ेह आज भी  अपने पहले प्यार के धोखे की चोट से अंदर से दुखी है. जल्दी ही  किस्मत “फहाद’ उसके पहले प्यार को उसके सामने ले आती है।  अलिज़ेह वापिस अपने प्यार के पास चली जाते है और अयान को वहां से जाने को कह देती  है।  अयान दुखी होकर वहां से निकल जाता है और एयरपोर्ट पर उसकी  मुलाकात “सबा”  से होती  है।  अयान उसके साथ संबंद बना  लेता है (ज्यादातर शारीरिक) “सबा”के साथ उसके संबंद से उसी एक तरफा  प्यार समझ आता है जो अलिज़ेह उसे समझाती थी।
यह करन जोहर की सब फिल्मो से अलग है.  उसने कई फिल्मो से कुछ न कुछ लिया है जैसे- थोड़ा प्यार दोस्ती है, कुछ कुछ होता है, प्यार मैं जूनून है पर दोस्ती मैं सुकून है।   फिल्म के पहले भाग मैं एक  दुसरे  को पहचानने के कोशिश को दिखाया गया  हैं और  उसमें “इम्तियाज़ अली” का तड़का लगाया है।  दुसरे भाग में  हीरो को अपनी  खुद की पहचान मिलती  है, एक सिंगर की।  इसमें  हीरोइन अलीजेह और सबा  उसकी  मदद  करती  है।   इस फिल्म मैं दिल टूटने को हलके मैं लिया है , हँसने के ज्यादा सीन नही  है, कुछ भी सयोंग आपस  मैं नहीं  बन रहे थे।
दर्शको को हँसाने के कोशिश मैं करन जोहर नाकाम रहे  और कहानी भी दिलचस्प नही है।
अनुष्का का किरदार ठीक था, पूरी कहानी उसके इर्द गिर्द थी, रणबीर एक अनाडी और दिल दूटे देवदास  का किरदार निभा रहा  था जो जल्द  अपनी  पहचान बना लेता है।   ऐश्वर्या रॉय का  बोल्ड अवतार दर्शको के लिया नया है।
आखिर के १५ मिनट कुछ अजीब थे।  फिल्म का अंत अलग हो सकता था। अगर आपको दुःख भर फिल्में  पसंद आती  है तो फिल्म का अंत शायद आपको  पसंद आए।
ये करन जोहर की  पहले की  फिल्मो से काफी अलग थी।   सईया से आज मैंने ब्रेकअप केर लिया और बुलया गाना  काफी पसंद किया जा रहा है।   अगर आप को आज के युग की अजीब मॉडर्न रिश्तो को देखना चाहते है तो यह फिल्म जरूर देखे पर  हाँ ये फिल्म  बच्चों  के साथ देखने लायक नही  है।  अश्लीलता काफी दिखाई गई  है, संवाद में भी और सीन में भी।
कुछ लोगो के लिए ये फिल्म कोरी  बकवास भी हो सकती है क्योंकि  पूरी फिल्म मैं सिर्फ अश्लील शब्दो का प्रयोग किया गया है ।

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