After The End Of Coronavirus People Life Will Be Change, Global Data Agency Statista Releases Barometer – कोरोना खत्म होने के बाद होगा बदलाव, भीड़भाड़ में जाने से बचेंगे 46 फीसदी लोग: सर्वे

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पूरी दुनिया इस समय कोरोना वायरस का प्रकोप झेल रही है। अभी तक इस जानलेवा वायरस की कोई वैक्सीन नहीं बन पाई है। दुनियाभर में 32 लाख से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से प्रभावित हैं जबकि दो लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में लॉकडाउन खुलने को लेकर कई तरह की आशंकाएं हैं। 

अगर पूरी दुनिया में लॉकडाउन खुल जाता है तो उसके बाद लोगों की जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा- इसे लेकर अमेरिका में एक सर्वे किया गया है। ग्लोबल डेटा एजेंसी स्टेटिस्टा ने बैरोमीटर जारी किया है। रिपोर्ट में यह जानने की कोशिश की गई है कि कोरोना संकट के बाद लोगों की जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा और क्या-क्या बदलाव आ सकते हैं। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि 49 फीसदी लोगों का मानना है कि वो कोरोना के बाद भी भीड़भाड़ वाली जगहों पर नहीं जाएंगे। जबकि 51 फीसदी लोगों का मानना है कि कोरोना के बाद स्वास्थ्य प्रणाली में सुधार की उम्मीद है। 10 में चार लोगों को उम्मीद है कि कोरोना संकट के बाद वर्क फ्रॉम होम का चलन बढ़ेगा।

45 फीसदी लोगों ने कहा कि वे मास्क के बिना घर से बाहर नहीं जाएंगे। 10 में से छह लोगों ने कहा कि अगले किसी संकट से निपटने की दुनिया की तैयारियां बेहतर होंगी। रिपोर्ट के मुताबिक यह बैरोमीटर अमेरिका को ध्यान में रखकर बनाया गया है हालांकि, इसे वैश्विक स्तर पर भी लागू किया जा सकता है।

कोरोना संकट के बाद हो सकते हैं ये बदलाव 

  • 44.9 फीसदी लोगों का कहना है कि वो कोरोना संकट के बाद भी बिना मास्क के घर से बाहर नहीं निकलेंगे।
  • 60.1 फीसदी लोगों का मानना है कि कोरोना के बाद दुनिया की तैयारियां बेहतर होंगी।
  • 46.2 फीसदी लोगों का कहना है कि वो कोरोना संकट के बाद भी भीड़भाड़ वाली जगहों पर नहीं जाएंगे।
  • 51.4 प्रतिशत लोगों का मानना है कि इसके बाद चिकित्सा प्रणाली में सुधार होगा। 
  • 39 फीसदी लोगों का मानना है कि कोरोना के बाद वर्क फ्रॉम होम का चलन बढ़ेगा।
  • 9.6 प्रतिशत लोगों का मानना है कि कोरोना महामारी के बाद भी कर्फ्यू के हालात बनते रहेंगे।
  • 9.4 फीसदी लोगों का मानना है कि कोविड-19 के बाद सबकुछ पहले जैसा हो जाएगा। 
  • 37.3 फीसदी लोगों का कहना है कि कोरोना के बाद छोटे कर्मियों के हालात सुधरेंगे।
  • 36.5 फीसदी लोगों का मानना है कि इस बीमारी के खत्म होने के बाद कल्याण प्रणाली बेहतर होगी।
  • वहीं, 6.8 फीसदी लोगों का कहना है कि कोरोना के बाद सरकार लोगों की निगरानी करेगी।
पूरी दुनिया इस समय कोरोना वायरस का प्रकोप झेल रही है। अभी तक इस जानलेवा वायरस की कोई वैक्सीन नहीं बन पाई है। दुनियाभर में 32 लाख से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से प्रभावित हैं जबकि दो लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में लॉकडाउन खुलने को लेकर कई तरह की आशंकाएं हैं। 

अगर पूरी दुनिया में लॉकडाउन खुल जाता है तो उसके बाद लोगों की जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा- इसे लेकर अमेरिका में एक सर्वे किया गया है। ग्लोबल डेटा एजेंसी स्टेटिस्टा ने बैरोमीटर जारी किया है। रिपोर्ट में यह जानने की कोशिश की गई है कि कोरोना संकट के बाद लोगों की जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा और क्या-क्या बदलाव आ सकते हैं। 
रिपोर्ट में कहा गया है कि 49 फीसदी लोगों का मानना है कि वो कोरोना के बाद भी भीड़भाड़ वाली जगहों पर नहीं जाएंगे। जबकि 51 फीसदी लोगों का मानना है कि कोरोना के बाद स्वास्थ्य प्रणाली में सुधार की उम्मीद है। 10 में चार लोगों को उम्मीद है कि कोरोना संकट के बाद वर्क फ्रॉम होम का चलन बढ़ेगा।

45 फीसदी लोगों ने कहा कि वे मास्क के बिना घर से बाहर नहीं जाएंगे। 10 में से छह लोगों ने कहा कि अगले किसी संकट से निपटने की दुनिया की तैयारियां बेहतर होंगी। रिपोर्ट के मुताबिक यह बैरोमीटर अमेरिका को ध्यान में रखकर बनाया गया है हालांकि, इसे वैश्विक स्तर पर भी लागू किया जा सकता है।

कोरोना संकट के बाद हो सकते हैं ये बदलाव 

  • 44.9 फीसदी लोगों का कहना है कि वो कोरोना संकट के बाद भी बिना मास्क के घर से बाहर नहीं निकलेंगे।
  • 60.1 फीसदी लोगों का मानना है कि कोरोना के बाद दुनिया की तैयारियां बेहतर होंगी।
  • 46.2 फीसदी लोगों का कहना है कि वो कोरोना संकट के बाद भी भीड़भाड़ वाली जगहों पर नहीं जाएंगे।
  • 51.4 प्रतिशत लोगों का मानना है कि इसके बाद चिकित्सा प्रणाली में सुधार होगा। 
  • 39 फीसदी लोगों का मानना है कि कोरोना के बाद वर्क फ्रॉम होम का चलन बढ़ेगा।
  • 9.6 प्रतिशत लोगों का मानना है कि कोरोना महामारी के बाद भी कर्फ्यू के हालात बनते रहेंगे।
  • 9.4 फीसदी लोगों का मानना है कि कोविड-19 के बाद सबकुछ पहले जैसा हो जाएगा। 
  • 37.3 फीसदी लोगों का कहना है कि कोरोना के बाद छोटे कर्मियों के हालात सुधरेंगे।
  • 36.5 फीसदी लोगों का मानना है कि इस बीमारी के खत्म होने के बाद कल्याण प्रणाली बेहतर होगी।
  • वहीं, 6.8 फीसदी लोगों का कहना है कि कोरोना के बाद सरकार लोगों की निगरानी करेगी।

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