Amazing health benefits of Drumstick from Preserving Bone Health and controlling Diabetes

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सहजन फली की सब्जी तो अधिकांश लोगों ने खाई है, लेकिन इसके गुणों के बारे में कम ही जानते हैं। यह सब्जी कई बड़ी बीमारियों का इलाज करती है। डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला के अनुसार, सहजन फली को मोरिंगा भी कहा जाता है। यह दुनियाभर में पाया जाना वाले सुपरफूड है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पौधा कहीं भी उग जाता है। इसे ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती। वहीं इसकी फलियों में पोषक तत्व, खनिज और विटामिन होते हैं। आयुर्वेद कहता है कि सहजन की फली 300 बीमारियों का इलाज करती है। जानिए सहजन की फली से होने वाले फायदों के बारे में – 

सहजन की फली विटामिन सी से भरपूर होती है, जो कई संक्रमणों को दूर रखती है। इसमें जीवाणुरोधी गुण होते हैं, जो सामान्य सर्दी, खांसी और फ्लू का प्राकृतिक तरीके से इलाज करते हैं। सहजन की फली का सेवन खासकर सर्दियां में फायदेमंद है।

इसमें ब्लड को शुद्ध करने वाले गुण होते हैं। यह एक शक्तिशाली एंटीबायोटिक एजेंट के रूप में काम करती है। नियमित रूप से इसका सेवन करने वालों को खून की खराबी से होने वाली बीमारियां नहीं होती हैं।

सहजन की फली नियासिन, राइबोफ्लेविन जैसे विटामिन बी और विटामिन बी-12 का एक बड़ा स्रोत है, जो पाचन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसमें फाइबर होता है जो पाचन प्रक्रिया को प्रभावित करता है। सहजन की फली के सबसे बड़े फायदों में शामिल है ह़ड्डियों की मजबूती। इसमें प्रचूर मात्रा में आयरन और कैल्शियम होता है। नियमित सेवन से हड्डियों का क्षरण कम होता है और ताकत बढ़ती है।

सहजन की फली डायबिटिज के मरीजों के लिए भी वरदान है। इसे डायबिटिज के मरीज बिना किसी संकोच के खा सकते हैं। इससे बढ़ा हुआ ब्लड शुगर लेवल बहुत तेजी से कंट्रोल होता है। 

सभी उम्र वालों के लिए फायदेमंद-
डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला बताते हैं कि सहजन की फली सभी उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद है। बच्चे यदि इसका नियमित सेवन करते हैं तो उनका सम्पूर्ण शारीरिक विकास होता है। इसमें मौजूद कैल्शियम के साथ ही लोहा, मैग्निशियम और फास्फोरस बच्चे के लिए बहुत फायदेमंद है। जो लोग मोटापे से ग्रस्त हैं, उनके लिए सहजन की फली रामबाण इलाज है। यह शरीर की अतिरिक्त कैलोरी को जलाने में मदद करती है। इसमें मौजूद फाइबर वजन कम करता है।

इसके नियमित सेवन से त्वचा को जवां रखा जा सकता है। सहजन की फली में मौजूद एंटी बैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीवायरल गुणों के कारण ऐसा होता है। त्वचा को किसी प्रकार का संक्रमण नहीं घेरता है। साथ ही खून साफ होने के कारण फोड़े-फूंसी नहीं होते हैं। इसमें विटामिन ए होता है जो त्वचा की सुंदरता बढ़ाने का साधन है। यह गठिया, जो़ड़ों के दर्द और माइग्रेन का इलाज है। सहजन की फली  के सबसे बडे़ फायदों में यह भी शामिल है कि इसके सेवन से शुक्राणुओं की संख्या बढ़ती है। इसका रस भी कई तरह से उपयोगी है। जैसे रस को कान में डालने से दर्द बंद हो जाता है।

अधिक जानकारी के लिए देखें: https://www.myupchar.com/tips/moringa-sahjan-benefits-and-side-effects-in-hindi


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