America Britain Are Training Dogs To Sniff Covid 19 Virus Expert Call This As New Diagnostic Tool – अमेरिका, ब्रिटेन में कोविड-19 वायरस सूंघने के लिए कुत्तों को किया जा रहा प्रशिक्षित

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वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेनिनसिल्विया
Updated Thu, 30 Apr 2020 11:59 AM IST

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दुनिया इस समय कोरोना वायरस महामारी से लड़ रही है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि कुत्ते नए नैदानिक उपकरण के तौर पर उभरकर कोविड-19 का पहले से पता लगा सकते हैं। इसके लिए अमेरिका और ब्रिटेन के कुत्तों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वह सूंघकर वायरस का पता लगा सकें।

वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार आठ लैब्राडोर को पेनसिल्वेनिया  विश्वविद्यालय के एक अनुसंधान परियोजना के तहत प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उनमें कोरोना वायरस से जुड़ी गंध का पता लगाने की क्षमता है।

इसी तरह के प्रयास लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन में किए जा रहे हैं। जहां शोधकर्ताओं ने पहले इस बात को दिखाया था कि कुत्ते मनुष्यों में मलेरिया संक्रमण की पहचान कर सकते हैं। यदि यह प्रशिक्षण सफल हो जाता है तो कुत्तों को अंततः कैनाइन सर्विलांस वाहिनी के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

इन्हें हवाई अड्डों, व्यवसायों या अस्पतालों में लोगों की स्क्रिनिंग करने के लिए उपयोग किया जा सकता है। यदि कुत्ते सार्स-कोव-2 का पता लगाने के परीक्षण का पार कर लेते हैं तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा। फ्लोरिडा के सिट्रस ग्रोव्स ड्रग्स, विस्फोटक और कंट्राबंड खाद्य पदार्थों के अलावा कुत्ते मलेरिया, कैंसर और यहां तक कि एक जीवाणु को भी सूंघने में सक्षम हैं।

पेनसिल्वेनिया के स्कूल ऑफ वेटरनरी मेडिसिन में वर्किंग डॉग सेंटर के निदेशक सिंथिया एम ओट्टो ने कहा, ‘शोधकर्ताओं को पता चला है कि वायरस में विशिष्ट गंध होती है।’ उन्होंने कहा, ‘हम नहीं जानते कि यह वायरस की गंध, वायरस की प्रतिक्रिया या संयोजन है।’ ओट्टो इस परियोजना के निदेशक हैं।

लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन के रोग नियंत्रण विभाग के प्रमुख जेम्स लोगन ने कहा, ‘कुत्तों को इस बात की परवाह नहीं होती है कि गंध किस चीज की है। वे जो सीखते हैं वह यह है कि इस नमूने के बारे में कुछ अलग है।’ उन्होंने कुत्तों को नया नैदानिक उपकरण बताया जो कोविड-19 का पहले से पता लगा सकते हैं।

उन्होंने मंगलवार को कहा कि उनकी शोध टीमों को उम्मीद है कि कुछ ही हफ्तों में कोविड-19 के नमूने एकत्र करना शुरू कर देंगे और चैरिटी मेडिकल डिटेक्शन डॉग्स के साथ काम करने के बाद जल्द ही कैनाइन को प्रशिक्षित किया जा सकता है। लोगन ने कहा, ‘हर एक कुत्ता हर घंटे 259 लोगों की स्क्रिनिंग कर सकता है।’

दुनिया इस समय कोरोना वायरस महामारी से लड़ रही है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि कुत्ते नए नैदानिक उपकरण के तौर पर उभरकर कोविड-19 का पहले से पता लगा सकते हैं। इसके लिए अमेरिका और ब्रिटेन के कुत्तों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वह सूंघकर वायरस का पता लगा सकें।

वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार आठ लैब्राडोर को पेनसिल्वेनिया  विश्वविद्यालय के एक अनुसंधान परियोजना के तहत प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उनमें कोरोना वायरस से जुड़ी गंध का पता लगाने की क्षमता है।
इसी तरह के प्रयास लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन में किए जा रहे हैं। जहां शोधकर्ताओं ने पहले इस बात को दिखाया था कि कुत्ते मनुष्यों में मलेरिया संक्रमण की पहचान कर सकते हैं। यदि यह प्रशिक्षण सफल हो जाता है तो कुत्तों को अंततः कैनाइन सर्विलांस वाहिनी के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

इन्हें हवाई अड्डों, व्यवसायों या अस्पतालों में लोगों की स्क्रिनिंग करने के लिए उपयोग किया जा सकता है। यदि कुत्ते सार्स-कोव-2 का पता लगाने के परीक्षण का पार कर लेते हैं तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा। फ्लोरिडा के सिट्रस ग्रोव्स ड्रग्स, विस्फोटक और कंट्राबंड खाद्य पदार्थों के अलावा कुत्ते मलेरिया, कैंसर और यहां तक कि एक जीवाणु को भी सूंघने में सक्षम हैं।

पेनसिल्वेनिया के स्कूल ऑफ वेटरनरी मेडिसिन में वर्किंग डॉग सेंटर के निदेशक सिंथिया एम ओट्टो ने कहा, ‘शोधकर्ताओं को पता चला है कि वायरस में विशिष्ट गंध होती है।’ उन्होंने कहा, ‘हम नहीं जानते कि यह वायरस की गंध, वायरस की प्रतिक्रिया या संयोजन है।’ ओट्टो इस परियोजना के निदेशक हैं।

लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन के रोग नियंत्रण विभाग के प्रमुख जेम्स लोगन ने कहा, ‘कुत्तों को इस बात की परवाह नहीं होती है कि गंध किस चीज की है। वे जो सीखते हैं वह यह है कि इस नमूने के बारे में कुछ अलग है।’ उन्होंने कुत्तों को नया नैदानिक उपकरण बताया जो कोविड-19 का पहले से पता लगा सकते हैं।

उन्होंने मंगलवार को कहा कि उनकी शोध टीमों को उम्मीद है कि कुछ ही हफ्तों में कोविड-19 के नमूने एकत्र करना शुरू कर देंगे और चैरिटी मेडिकल डिटेक्शन डॉग्स के साथ काम करने के बाद जल्द ही कैनाइन को प्रशिक्षित किया जा सकता है। लोगन ने कहा, ‘हर एक कुत्ता हर घंटे 259 लोगों की स्क्रिनिंग कर सकता है।’

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