America Urged All The Countries To Raise Their Voice Against Harassment Of Muslims In China – अमेरिका ने की सभी देशों से अपील, चीन में मुस्लिमों से दुर्व्यवहार के खिलाफ उठाएं आवाज

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उइगर मुसलमान (फाइल फोटो)
– फोटो : एएनआई

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अमेरिका ने सभी देशों से अपील की है कि वे चीन में खासतौर पर शिंजियांग प्रांत में रहने वाले मुस्लिमों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार के विरुद्ध बोलें। अमेरिका ने कहा कि इस पर सभी देशों में चर्चा होनी चाहिए और चीनी अधिकारियों द्वारा किए जा रहे मानवाधिकारों के हनन को रोकने की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए।

अमेरिका में दक्षिण-मध्य एशिया की प्रमुख उप सहायक मंत्री एलिस जी. वेल्स ने कहा कि मध्य एशियाई देशों द्वारा चीन में रह रहे कजाख, उइगर, किर्गिज जातियों के साथ दुर्व्यवहार रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की सराहना की। वेल्स ने कहा, चीन के सभी मुसलमानों से दुर्व्यवहार की घटनाएं जगजाहिर हैं। हम न सिर्फ मध्य एशियाई देशों से, बल्कि सभी देशों से मानवाधिकारों के हनन के विरुद्ध बोलने का आग्रह करते हैं। 

2018 में न्यूयॉर्क स्थित मानवाधिकार निगरानी संस्था ने चीन के शिंजियांग में उइगर मुसलमानों के खिलाफ मानवाधिकारों के उल्लंघन के व्यवस्थित अभियान का आरोप लगाते हुए एक रिपोर्ट जारी की थी। इस पर बीजिंग ने शिंजियांग में लगाए जा रहे शिविरों को व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र बताया था। बता दें कि खुद को मुस्लिमों का सबसे बड़ा हितैषी बताने वाला पाकिस्तान इस मुद्दे पर खामोश ही रहा है।

उइगर मुस्लिमों पर अत्याचार के कई मामले

अमेरिका ने चीन के जिस शिंजियांग प्रांत की बात की है वह देश का पश्चिमी इलाका है। यह क्षेत्र उइगर मुस्लिमों के लिए किसी बंदीगृह से कम नहीं है। यहां रहने वाले उइगर मुसलमानों पर अत्याचार के कई मामले सामने आ चुके हैं। हजारों उइगरों को प्रशिक्षण देने के नाम पर हिरासत में रखा गया है। उनकी निगरानी के लिए पुलिसबल और सर्विलांस कैमरों के साथ ही कई तरह की हाईटेक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

अमेरिका ने सभी देशों से अपील की है कि वे चीन में खासतौर पर शिंजियांग प्रांत में रहने वाले मुस्लिमों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार के विरुद्ध बोलें। अमेरिका ने कहा कि इस पर सभी देशों में चर्चा होनी चाहिए और चीनी अधिकारियों द्वारा किए जा रहे मानवाधिकारों के हनन को रोकने की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए।

अमेरिका में दक्षिण-मध्य एशिया की प्रमुख उप सहायक मंत्री एलिस जी. वेल्स ने कहा कि मध्य एशियाई देशों द्वारा चीन में रह रहे कजाख, उइगर, किर्गिज जातियों के साथ दुर्व्यवहार रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की सराहना की। वेल्स ने कहा, चीन के सभी मुसलमानों से दुर्व्यवहार की घटनाएं जगजाहिर हैं। हम न सिर्फ मध्य एशियाई देशों से, बल्कि सभी देशों से मानवाधिकारों के हनन के विरुद्ध बोलने का आग्रह करते हैं। 

2018 में न्यूयॉर्क स्थित मानवाधिकार निगरानी संस्था ने चीन के शिंजियांग में उइगर मुसलमानों के खिलाफ मानवाधिकारों के उल्लंघन के व्यवस्थित अभियान का आरोप लगाते हुए एक रिपोर्ट जारी की थी। इस पर बीजिंग ने शिंजियांग में लगाए जा रहे शिविरों को व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र बताया था। बता दें कि खुद को मुस्लिमों का सबसे बड़ा हितैषी बताने वाला पाकिस्तान इस मुद्दे पर खामोश ही रहा है।

उइगर मुस्लिमों पर अत्याचार के कई मामले

अमेरिका ने चीन के जिस शिंजियांग प्रांत की बात की है वह देश का पश्चिमी इलाका है। यह क्षेत्र उइगर मुस्लिमों के लिए किसी बंदीगृह से कम नहीं है। यहां रहने वाले उइगर मुसलमानों पर अत्याचार के कई मामले सामने आ चुके हैं। हजारों उइगरों को प्रशिक्षण देने के नाम पर हिरासत में रखा गया है। उनकी निगरानी के लिए पुलिसबल और सर्विलांस कैमरों के साथ ही कई तरह की हाईटेक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।


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