AYURVEDIC TIPS : Take Salt Therapy If You Are Troubled By Pain – AYURVEDIC TIPS : आपको कई बीमारियों में राहत देगी साल्ट थैरेपी

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नमक (तय मात्रा में लें) खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ बीमारियों से बचाने में भी मददगार है। यह जीवाणुनाशक है। पानी में नमक डालकर नहाने से कई रोगों-संक्रमण से बच सकते हैं। ये आयुर्वेदिक टिप्स (AYURVEDIC TIPS) आपको कई बीमारियों में राहत देंगे।

सर्दी-जुकाम : सर्दी-जुकाम और मांसपेशियों के दर्द में सेंधा नमक डालकर गुनगुने पानी से नहाने से आराम मिलता है। यह शरीर में कैल्शियम की कमी को भी दूर करती है। इससे हड्डियां व नाखून मजबूत होते हैं। नमक के पानी से नहाने से खुजली की समस्या दूर होती है। अनिद्रा में शाम को बाथ टब स्नान से आराम मिलता है। तरोताजा महसूस करते हं। इससे शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत रहते हैं। ऐसे लोग जिन्हें तनाव, डिपे्रशन की समस्या है उन्हें आराम मिलता है। हाई बीपी व स्किन से जुड़ी कोई समस्या या बुखार है तो चिकित्सक की सलाह जरूरी है। ये आयुर्वेदिक टिप्स (AYURVEDIC TIPS) आपको कई बीमारियों में राहत देंगे।
ऐसे करें साल्ट बॉथ: साल्ट बॉथ के लिए करीब 25 लीटर पानी में एक से दो चम्मच नमक और नारियल तेल की कुछ बूंदें डालकर गुनगुना कर लें। बाथटब में नहाना ज्यादा फायदेमंद है। इसे साल्ट थैरेपी भी कहते हैं।
माइग्रेन में कारगर तुलसी-दूध का प्रयोग
मौसमी बीमारियों सर्दी, जुकाम व बुखार से बचने के लिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखना जरूरी है। इसके लिए तुलसी का प्रयोग कारगर है। तुलसी एंटी ऑक्सीडेंट्स, विटामिन के और मैगनीज से भरपूर होती है। तुलसी की 10-15 पत्तियां दूध में डालकर उबाल लें। इसमें गुड़ भी मिला सकते हैं। कफ बनने, सांस फूलने और एलर्जी की दिक्कत में सुबह-शाम एक-एक गिलास पीना चाहिए। इसे ठंडा कर सुबह-शाम पीने से माइग्रेन के दर्द में भी आराम मिलता है।
एक्सपर्ट : डॉ. जय प्रकाश सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर, डिपार्टमेंट ऑफ आयुर्वेद, बीएचयू, बनारस












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