Big Things Of Budget 2020 Presented By Nirmala Sitharaman – Budget 2020: आम बजट की खास बातें, जानें किस सेक्टर को मिली क्या सौगात

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नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के कार्यकाल का अपना दूसरा बजट आज पेश किया। वित्त मंत्री ने अपने बजट में कई घोषणाएं की। सरकार ने इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव करने के साथ ही डिविडेंड डिस्ट्रीब्युशन टैक्स ( DDT ) को भी वापस लिया है।

कृषि क्षेत्र के विकास के लिए वित्त मंत्री ने 16 सूत्रीय फॉर्मूले का ऐलान किया। वहीं रेलवे के विकास के लिए नई घोषणाएं हुईं और शिक्षा क्षेत्र के लिए 99,300 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा सरकार ने ऑनलाइन मार्केट और विनिर्माण को भी बजट में अहम जगह दी है।

आइए एक नज़र ड़ालते हैं कि सरकार ने बजट में किस सेक्टर के लिए क्या घोषणाएं की-

टैक्स स्लैब में बदलाव

वित्‍त मंत्री ने अब टैक्‍स स्‍लैब चार भागों में बांट दिया है। पहले स्‍लैब में ढाई लाख की आमदनी वालों को टैक्‍स से छूट दी गई है। वहीं दूसरे स्‍लैब में ढाई लाख से पांच लाख तक पर पांच फीसद की दर से टैक्‍स लगेगा। तीसरे स्‍लैब में पांच लाख से साढ़े सात लाख तक की आमदनी पर 10 फीसद कर देना होगा जो कि पहले 20 फीसदी था। साढ़े सात लाख से 10 लाख तक की आमदनी पर 15 फीसद की दर से कर भरना होगा जो कि पहले 20 फीसद था।

सरकार अब चौथे स्‍लैब के अंतर्गत 10 लाख से साढ़े 12 लाख तक की आमदनी पर 20 फीसद की दर से टैक्स वसूलेगी जो पहले 30 फीसदी था। साढ़े 12 लाख से 15 लाख तक आमदनी पर 25 फीसद की दर से कर लगेगा जो पहले 30 फीसदी था। जबकि 15 लाख रुपये से ऊपर की आमदनी पर पहले की तरह ही 30 फीसद की दर से टैक्स देय होगा।

किसानों की आय दोगुनी करने का रखा लक्ष्‍य

सरकार साल 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लक्ष्य को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए 16 सूत्रीय अहम फैसले लिए हैं। सरकार ने इन 16 योजनाओं के लिए 2.83 लाख करोड़ रुपये आवंटित करने का फैसला लिया है। इसमें कृषि और सिंचाई के लिए 1.2 लाख करोड़ रुपये की रकम दी जानी है।

सरकार ने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं दूध का उत्पादन दोगुना करने के लिए सरकार की तरफ से योजना चलाई जाएंगी। सरकार पीएम कुसुम योजना के तहत 20 लाख किसानों को सोलर पंप लगाने में आर्थिक मदद देगी। जल संकट से प्रभावित 100 जिलों के लिए विस्तृत योजना लाई जाएगी और 15 लाख किसानों को ग्रिड कनेक्टेड पंपसेट से जोड़ा जाएगा।

शिक्षा क्षेत्र की घोषणाएं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में घोषणा करते हुए कहा कि ही जल्द नई शिक्षा नीति लाई जाएगी। शिक्षा के लिए वित्त मंत्री ने 99,300 करोड़ के बजट का ऐलान किया। जिसमें आईआईटी के लिए 6,409.95 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। आईआईएम के लिए 445.53 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया। जबकि यूजीसी को कुल 4,600.66 करोड़ रुपए आवंटित किए गए। क्‍वालिटी एजुकेशन के लिए डिग्री वाली ऑनलाइन योजनाएं शुरू की जाएंगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र की दशा सुधारने की कवायद

वित्त मंत्री ने पीपीपी मॉडल के तहत दो फेज में अस्पतालों को आपस में जोड़ने का फैसला किया। फिट इंडिया मूवमेंट को बढ़ावा देने के लिए आयुष्मान भारत योजना में अस्पतालों की संख्या में भी इजाफा किया जाएगा। इंद्रधनुष मिशन का भी विस्तार किया जाएगा।

पीएम जन औषधि योजना के तहत केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी। स्वास्थ्य योजनाओं पर खर्च के लिए सरकार ने 70 हजार करोड़ का फंड आवंटित किया। इसके अलावा साल 2020-21 में पोषण से संबंधित कार्यक्रमों के लिए 35600 करोड़ रुपए के बजट का प्रस्ताव रखा।

रेलवे की कायापलट के लिए सरकार की पहल

केंद्रीय वित्‍त मंत्री ने रेलवे के लिए से जुड़ी हुई घोषणाओं का एलान करते हुए कहा कि सरकार 27 हजार किलोमीटर रेलवे ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन करेगी। वहीं 150 ट्रेनें पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए शुरू की जाएंगी। सरकार की योजना तेजस जैसी और ट्रेनों के माध्यम से प्रमुख प्रसिद्ध स्थलों को जोड़ने की है।

चार स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा। इन योजनाओं पर खर्च करने के लिए सरकार ने 18,600 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। रेल पटरियों के किनारे सोलर पॉवर ग्रिड का निर्माण किया जाएगा। 148 किलोमीटर में बेंगलुरू ऊपनगरीय ट्रेन सिस्टम बनेगा जिसमें केंद्र सरकार 25 फीसदी की आर्थिक मदद मुहैया कराएगी।

इंडस्ट्री और इन्वेस्टमेंट और इन्फ्रास्ट्रक्चर

मोबाइल , इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट और सेमी कंडक्टर्स की मैन्युफैक्चरिंग के लिए केंद्र सरकार खास पैकेज उपलब्ध कराएगी। एमएसएमई सेक्टर के लिए इनवॉइस फाइनेंसिंग सुविधा को भी पहले के मुकाबले बढ़ा दिया गया है। वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि देश भर में नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी को लागू किया जाएगा।

सरकार ने अपनी महत्वकांक्षी योजना उड़ान के तहत 100 नए एयरपोर्ट्स के निर्माण का लक्ष्य रखा है। नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन प्रोजेक्ट पर 102 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।दिल्ली-मुंबई, चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेस-वे के काम को बहुत जल्द पूरा करने का लक्ष्य है।


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