Bishop Gerald Glenn Who Said God Is Larger Than Covid19 Has Died From Coronavirus – कोरोना का कहर: सामाजिक दूरी को अनसुना करने वाले पादरी ग्लेन की संक्रमण से ही मौत

0
49


ख़बर सुनें

अमेरिका में कोरोना वायरस संक्रमण के चलते जब धर्म स्थलों पर कई लोगों को साथ जुटने से रोकने के लिए सामाजिक दूरी की चेतावनी दी जा रही थी तब उन्हें अनसुना करने वाले वर्जीनिया के पादरी नहीं जानते थे कि उनकी मौत कोविड-19 से ही होगी। 66 वर्षीय पादरी गेराल्ड ओ. ग्लेन इसी महामारी के चलते इस दुनिया में नहीं रहे हैं। उन्हें पोप फ्रांसिस ने भी श्रद्धांजलि दी है।

दरअसल, वर्जीनिया के पादरी गेराल्ड ग्लेन भी उन्हीं धार्मिक उपदेशकों में शामिल रहे हैं जिन्होंने कोरोना वायरस को बहुत ही हल्के में लिया और धर्म को सर्वोपरि रखते हुए माना कि कोई भी बीमारी धार्मिक नियमों का पालन करने पर इंसान के पास नहीं फटक सकती है। उन्होंने कहा था कि जब तक मैं जेल या अस्पताल में नहीं हूं, तब तक उपदेश देते रहने का संकल्प को खत्म नहीं होने दूंगा।

उनके निधन पर कई लोगों को दुख है। खासतौर पर बिशप की पत्नी 65 वर्षीय मदर मारिशिया ग्लेन को भी वायरस परीक्षण में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उस वक्त उनकी अनुयायी सुश्री क्रॉले ने कहा था कि मेरे पिता अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं, इसलिए मैं लोगों से इस महामारी पर गंभीरता बरतने का अनुरोध करती हूं। लेकिन पादरी (बिशप) ग्लेन इसी महामारी का शिकार हो जाएंगे ऐसा सोचा नहीं था। वे रिचमंड समुदाय के स्तंभ थे।

चेतावनी के बाद भी की सभाएं, हुए थे गिरफ्तार

पादरी गेराल्ड ग्लेन ने धर्म स्थलों पर ज्यादा लोगों के न जुटने की चेतावनी के बावजूद कई सभाएं कीं। उन्हें अमेरिका में एक बड़े धार्मिक उपदेशक के रूप में जाना जाता है और लोग उन्हें बड़े ध्यान से सुनते हैं। उन्होंने चर्च के पूजाघरों को बंद करने के लिए जारी अपीलों को भी खारिज कर दिया था। फ्लोरिडा में एक पेंटेकोस्टल मेगाचर्च से उन्हें पिछले माह सैकड़ों उपासकों के साथ गिरफ्तार किया गया था।

भगवान इस वायरस से भी बड़ा है, खतरा नहीं

22 मार्च को एक उपदेश में बिशप ग्लेन ने कुछ लोगों को उपदेश दिए थे कि मुझे दृढ़ता से विश्वास है कि भगवान इस खतरनाक वायरस से भी बड़ा है। उन्हें किसी वायरस से कोई खतरा है ही नहीं। इस उपदेश के आठ दिन बाद 30 मार्च को उन्हें वर्जीनिया में एक निवास स्थान पर रहने के आदेश दिए गए। इसके बाद उनमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई।

अमेरिका में कोरोना वायरस संक्रमण के चलते जब धर्म स्थलों पर कई लोगों को साथ जुटने से रोकने के लिए सामाजिक दूरी की चेतावनी दी जा रही थी तब उन्हें अनसुना करने वाले वर्जीनिया के पादरी नहीं जानते थे कि उनकी मौत कोविड-19 से ही होगी। 66 वर्षीय पादरी गेराल्ड ओ. ग्लेन इसी महामारी के चलते इस दुनिया में नहीं रहे हैं। उन्हें पोप फ्रांसिस ने भी श्रद्धांजलि दी है।

दरअसल, वर्जीनिया के पादरी गेराल्ड ग्लेन भी उन्हीं धार्मिक उपदेशकों में शामिल रहे हैं जिन्होंने कोरोना वायरस को बहुत ही हल्के में लिया और धर्म को सर्वोपरि रखते हुए माना कि कोई भी बीमारी धार्मिक नियमों का पालन करने पर इंसान के पास नहीं फटक सकती है। उन्होंने कहा था कि जब तक मैं जेल या अस्पताल में नहीं हूं, तब तक उपदेश देते रहने का संकल्प को खत्म नहीं होने दूंगा।

उनके निधन पर कई लोगों को दुख है। खासतौर पर बिशप की पत्नी 65 वर्षीय मदर मारिशिया ग्लेन को भी वायरस परीक्षण में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उस वक्त उनकी अनुयायी सुश्री क्रॉले ने कहा था कि मेरे पिता अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं, इसलिए मैं लोगों से इस महामारी पर गंभीरता बरतने का अनुरोध करती हूं। लेकिन पादरी (बिशप) ग्लेन इसी महामारी का शिकार हो जाएंगे ऐसा सोचा नहीं था। वे रिचमंड समुदाय के स्तंभ थे।

चेतावनी के बाद भी की सभाएं, हुए थे गिरफ्तार

पादरी गेराल्ड ग्लेन ने धर्म स्थलों पर ज्यादा लोगों के न जुटने की चेतावनी के बावजूद कई सभाएं कीं। उन्हें अमेरिका में एक बड़े धार्मिक उपदेशक के रूप में जाना जाता है और लोग उन्हें बड़े ध्यान से सुनते हैं। उन्होंने चर्च के पूजाघरों को बंद करने के लिए जारी अपीलों को भी खारिज कर दिया था। फ्लोरिडा में एक पेंटेकोस्टल मेगाचर्च से उन्हें पिछले माह सैकड़ों उपासकों के साथ गिरफ्तार किया गया था।

भगवान इस वायरस से भी बड़ा है, खतरा नहीं

22 मार्च को एक उपदेश में बिशप ग्लेन ने कुछ लोगों को उपदेश दिए थे कि मुझे दृढ़ता से विश्वास है कि भगवान इस खतरनाक वायरस से भी बड़ा है। उन्हें किसी वायरस से कोई खतरा है ही नहीं। इस उपदेश के आठ दिन बाद 30 मार्च को उन्हें वर्जीनिया में एक निवास स्थान पर रहने के आदेश दिए गए। इसके बाद उनमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here