Budget 2020 Nirmala Sitharaman Says 4000 Crore Rupees Will Be Spent To Tackle Pollution – बजट 2020: प्रदूषण पर मोदी सरकार का ‘वार’, 4400 करोड़ रुपये होंगे खर्च, होगा ये काम

0
32


फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 01 Feb 2020 02:02 PM IST

प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : Social media

ख़बर सुनें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा बजट पेश किया। इसमें उन्होंने पहले सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और साथ ही कई बड़े एलान भी किए। देशभर में और खासकर राजधानी दिल्ली में जिस तरह प्रदूषण तेजी से फैल रहा है, उसके रोकथाम को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि स्वच्छ हवा के लिए और प्रदूषण से बचने के लिए कई उपाय किए जाएंगे। इसके लिए उन्होंने 4400 करोड़ रुपये के प्रावधान की भी घोषणा की।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन को लेकर इंटरनेशनल सोलर अलायंस बढ़ाने की कोशिश जारी रहेगी। पेरिस सम्मेलन में हमने जो प्रतिबद्धता जताई थी, उसे एक अप्रैल से लागू करना शुरू करेंगे। हालांकि अभी भी ऐसे थर्मल पावर प्लांट हैं जो पुराने हैं। हम उन्हें बंद करने के बारे में सोचेंगे। उस जमीन का इस्तेमाल किसी और काम के लिए होगा। 

सुप्रीम कोर्ट ने दिए हैं स्मॉग टावर लगाने के निर्देश

पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में वायु एवं जल प्रदूषण से निपटने के लिए केंद्र व दिल्ली सरकार को दिशानिर्देश भी जारी किए हैं। अदालत ने वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने केलिए कनॉट प्लेस और आनंद विहार में पायलट परियोजना के तौर पर स्मॉग टावर स्थापित करने के लिए दोनों सरकारों को तीन महीने का समय दिया है। अदालत ने कहा है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा आनंद विहार में चिह्नित जगह पर स्मॉग टावर लगाया जाए। इसके लिए दिल्ली सरकार 30 गुणा 30 मीटर की जगह उपलब्ध कराए। केंद्र सरकार भी इसमें वित्तीय मदद देगी और इसकी निगरानी का जिम्मा पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के हाथ होगा। 

पानी की गुणवत्ता की हो जांच

दिल्ली में सप्लाई होने वाले पानी की गुणवत्ता को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ ही भारतीय मानक ब्यूरो से एक महीने में औचक निरीक्षण कर सैंपल की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। 

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दिल्ली-एनसीआर के उन इलाकों में एंटी स्मॉग गन लगाने के भी निर्देश दिए हैं, जहां बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य हो रहे हैं। वहीं फसल के अवशेष यानी पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए भी सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकार को एक व्यापक योजना बनाने के लिए निर्देश दिए हैं। 

‘कचरे को न जलाया जाए’ 

इसके अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान सरकार को निर्देश देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सरकारें सुनिश्चित करें कि कचरे को जलाया न जाए और एक समय अवधि में इनका निपटारा हो। साथ ही ये राज्य खास तौर पर रात में औद्योगिक इलाकों की निगरानी करें और जो भी औद्योगिक इकाई मानकों के अनुरूप न हों, उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा बजट पेश किया। इसमें उन्होंने पहले सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और साथ ही कई बड़े एलान भी किए। देशभर में और खासकर राजधानी दिल्ली में जिस तरह प्रदूषण तेजी से फैल रहा है, उसके रोकथाम को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि स्वच्छ हवा के लिए और प्रदूषण से बचने के लिए कई उपाय किए जाएंगे। इसके लिए उन्होंने 4400 करोड़ रुपये के प्रावधान की भी घोषणा की।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन को लेकर इंटरनेशनल सोलर अलायंस बढ़ाने की कोशिश जारी रहेगी। पेरिस सम्मेलन में हमने जो प्रतिबद्धता जताई थी, उसे एक अप्रैल से लागू करना शुरू करेंगे। हालांकि अभी भी ऐसे थर्मल पावर प्लांट हैं जो पुराने हैं। हम उन्हें बंद करने के बारे में सोचेंगे। उस जमीन का इस्तेमाल किसी और काम के लिए होगा। 

सुप्रीम कोर्ट ने दिए हैं स्मॉग टावर लगाने के निर्देश

पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में वायु एवं जल प्रदूषण से निपटने के लिए केंद्र व दिल्ली सरकार को दिशानिर्देश भी जारी किए हैं। अदालत ने वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने केलिए कनॉट प्लेस और आनंद विहार में पायलट परियोजना के तौर पर स्मॉग टावर स्थापित करने के लिए दोनों सरकारों को तीन महीने का समय दिया है। अदालत ने कहा है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा आनंद विहार में चिह्नित जगह पर स्मॉग टावर लगाया जाए। इसके लिए दिल्ली सरकार 30 गुणा 30 मीटर की जगह उपलब्ध कराए। केंद्र सरकार भी इसमें वित्तीय मदद देगी और इसकी निगरानी का जिम्मा पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के हाथ होगा। 

पानी की गुणवत्ता की हो जांच

दिल्ली में सप्लाई होने वाले पानी की गुणवत्ता को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ ही भारतीय मानक ब्यूरो से एक महीने में औचक निरीक्षण कर सैंपल की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। 


आगे पढ़ें

दिल्ली में एंटी स्मॉग गन भी लगाए जाएं


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here