China furious over Home Minister Amit Shah’s Arunachal Visit, said violation of regional sovereignty

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बीजिंग। भारत-चीन ( Indian-China Relation ) के बीच दशकों से सीमा विवाद चल रहा है। हालांकि इसके समाधान निकालने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। इस बीच एक बार फिर से चीन ने अरुणाचल प्रदेश को अपना हिस्सा बताने की कोशिश की है।

दरअसल, गृहमंत्री अमित शाह अरुणाचल प्रदेश के 34वें राज्य स्थापना दिवस ( Arunachal Pradesh 34th Statehood Day ) के मौके पर एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए भारत-चीन सीमा ( India-China border ) के पूर्वी सेक्टर पहुंचे। इसको लेकर चीन बौखला गया। चीन ने आपत्ती जताते हुए कहा कि अमित शाह का ये दौरान क्षेत्रीय संप्रभुता का उल्लंघन है।

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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत का हिस्सा मानता है। इसलिए अब अमित शाह के दौरे को लेकर चीन ने इसका विरोध किया है। चीन ने शाह के दौरे को क्षेत्रीय संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए इसे परस्पर राजनीति विश्वास तोड़ने जैसा बताया है।

चीन ने शाह के अरुणाचल दौरे पर जताया विरोध

आपको बता दें कि चीन ने गृहमंत्री अमित शाह के अरुणाचल दौरे पर विरोध जताया। इस संबंध में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने गुरुवार को ऑनलाइन मीडिया ब्रीफिंग में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘भारत-चीन सीमा के पूर्वी क्षेत्र पर चीन की स्थिति या चीन के तिब्बत क्षेत्र के दक्षिणी हिस्से पर स्थिति स्पष्ट है।’

उन्होंने कहा कि चीन के तिब्बत क्षेत्र के दक्षिणी हिस्से में भारतीय नेताओं के दौरे का कड़ा विरोध करते हैं, क्योंकि इससे चीन की क्षेत्रीय संप्रभुता का उल्लंघन होता है। भारतीय शीर्ष नेताओं के दौरे से भारत-चीन सीमा क्षेत्र की स्थिरता को कम कर दिया है और पारस्परिक राजनीतिक विश्वास को तोड़ दिया है। शाह के दौरे ने प्रासंगिक द्विपक्षीय समझौते का उल्लंघन हुआ है।’

भारत-चीन सीमा पर ये है विवाद

आपको बता दें कि भारत-चीन के बीच काफी लंबी सीमा मिलती है। भारत-चीन के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा ( LAC ) को कवर करता है।

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अरुणाचल प्रदेश भारत का एक राज्य है, लेकिन चीन वर्षों से दावा कर रहा है कि अरुणाचल प्रदेश दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा है, जिसका भारत ने लगातार विरोध जताया है। इसको लेकर दोनों देशों के बीच 22 बार प्रतिनिधियों की विशेष वार्ता हो चुकी है।

लेकिन इसको लेकर कोई समाधान नहीं निकल सका है। पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच भी सीमा विवाद के समाधान को लेकर कई बार चर्चा हुई है। बता दें, 20 फरवरी को अरुणाचल प्रदेश का राज्य स्थापना दिवस है, इसी दिन वह केंद्र शासित प्रदेश से पूर्ण राज्य बन गया था।

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