China Mobile Loses 7.25 Million Users For The First Time In 23 Years Due To Mobile Number Portability – चाइना मोबाइल ने एक झटके में गंवाए 72.5 लाख यूजर्स, Mnp बना बड़ा सबसे बड़ा दुश्मन

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साल 2016 से ही भारतीय टेलीकॉम इंडस्ट्री की हालत खराब है। रिलायंस जियो की लॉन्चिंग के बाद भारत में फ्री में डाटा और कॉलिंग की सुविधा देने की होड़ मची जिसने टेलीकॉम इंडस्ट्री को बर्बाद कर दिया। आज हालत यह हो गई है कि जियो को छोड़कर एयरटेल, वोडाफोन आइडिया सभी कंपनियां घाटे में चल रही हैं। इन कंपनियों की माली हालत इतनी खराब है कि अपने ऊपर बकाया समायोजित सकल राजस्व (एजीआर)  का भी भुगतान नहीं कर पा रही हैं।

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भारत के साथ-साथ चीनी टेलीकॉम की हालत भी दयनीय नजर आ रही है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि चीन की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी चाइना मोबाइल ने एक महीने में 7.25 मिलियन यानी 72.5 लाख ग्राहक गंवाए हैं। चाइना मोबाइल ने हाल ही में पिछले दो महीनों का ऑपरेटिंग डाटा शेयर किया है जिसके मुताबिक कंपनी ने करीब 72.5 लाख यूजर्स खोए हैं, हालांकि यह आंकड़ा चीन मोबाइल के कुल यानी 94.2 करोड़ यूजर्स का एक फीसदी से भी कम है लेकिन चाइना मोबाइल के 23 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब इतने सारे लोगों ने चाइना मोबाइल को अलविदा कहते हुए दूसरे ऑपरेटर्स का दामन थामा है।
    
ezone.ulifestyle.com.hk की एक रिपोर्ट के मुताबिक चाइना मोबाइल 1997 से हर महीने अपने यूजर्स का डाटा जारी करती है। हाल ही में कंपनी ने जनवरी 2020 का आंकड़ा जारी किया था जिसके मुताबिक जनवरी में कंपनी के पास यूजर्स की संख्या 949.415 मिलियन थी जो कि दिसंबर के मुकाबले 862.000 मिलियन कम थी। वहीं फरवरी की बात करें तो फरवरी 2020 में यूजर्स की संख्या 942.621 मिलियन थी जो कि जनवरी के मुकाबले 7.254 मिलियन कम थी। कुल मिलाकर देखें तो चाइना मोबाइल पिछले दो महीने में 8.116 मिलियन यानी 81.16 लाख ग्राहक गंवाए हैं।

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पिछले कुछ सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो हर साल और हर महीने चाइना मोबाइल के ग्राहकों की संख्या में वृद्धि ही हुई है। साल 2018 के जून में कंपनी ने सबसे ज्यादा 4.16 मिलियन यानी 41.6 लाख ग्राहक बटोरे थे। अब सवाल यह है कि आखिर लोग चाइना मोबाइल को क्यों छोड़ रहे हैं। कुछ एक्सपर्ट का मानना है कि पिछले साल चीन में मोबाइल नंबर पोर्टेबलिटी (एमएनपी) लागू हुआ था जिसके बाद लोगों ने अपना नंबर बिना बदले ऑपरेटर्स बदले हैं और इसका सबसे अधिक नुकसान चाइना मोबाइल को हुआ है, क्योंकि चाइना मोबाइल के ग्राहक सबसे ज्यादा थे। बता दें कि चीन में चाइना मोबाइल के अलावा चाइना यूनिकॉम और टेलीफोनिका जैसी टेलीकॉम कंपनियां भी अपनी सेवाएं दे रही हैं।

सार

  • पिछले दो महीने में चाइना मोबाइल ने गंवाए 81.16 लाख ग्राहक
  • 23 साल के इतिहास में चाइन मोबाइल का सबसे बड़ा नुकसान
  • एमएनपी लागू होने के बाद दूसरे ऑपरेटर्स में गए यूजर्स

विस्तार

साल 2016 से ही भारतीय टेलीकॉम इंडस्ट्री की हालत खराब है। रिलायंस जियो की लॉन्चिंग के बाद भारत में फ्री में डाटा और कॉलिंग की सुविधा देने की होड़ मची जिसने टेलीकॉम इंडस्ट्री को बर्बाद कर दिया। आज हालत यह हो गई है कि जियो को छोड़कर एयरटेल, वोडाफोन आइडिया सभी कंपनियां घाटे में चल रही हैं। इन कंपनियों की माली हालत इतनी खराब है कि अपने ऊपर बकाया समायोजित सकल राजस्व (एजीआर)  का भी भुगतान नहीं कर पा रही हैं।

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भारत के साथ-साथ चीनी टेलीकॉम की हालत भी दयनीय नजर आ रही है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि चीन की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी चाइना मोबाइल ने एक महीने में 7.25 मिलियन यानी 72.5 लाख ग्राहक गंवाए हैं। चाइना मोबाइल ने हाल ही में पिछले दो महीनों का ऑपरेटिंग डाटा शेयर किया है जिसके मुताबिक कंपनी ने करीब 72.5 लाख यूजर्स खोए हैं, हालांकि यह आंकड़ा चीन मोबाइल के कुल यानी 94.2 करोड़ यूजर्स का एक फीसदी से भी कम है लेकिन चाइना मोबाइल के 23 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब इतने सारे लोगों ने चाइना मोबाइल को अलविदा कहते हुए दूसरे ऑपरेटर्स का दामन थामा है।
    
ezone.ulifestyle.com.hk की एक रिपोर्ट के मुताबिक चाइना मोबाइल 1997 से हर महीने अपने यूजर्स का डाटा जारी करती है। हाल ही में कंपनी ने जनवरी 2020 का आंकड़ा जारी किया था जिसके मुताबिक जनवरी में कंपनी के पास यूजर्स की संख्या 949.415 मिलियन थी जो कि दिसंबर के मुकाबले 862.000 मिलियन कम थी। वहीं फरवरी की बात करें तो फरवरी 2020 में यूजर्स की संख्या 942.621 मिलियन थी जो कि जनवरी के मुकाबले 7.254 मिलियन कम थी। कुल मिलाकर देखें तो चाइना मोबाइल पिछले दो महीने में 8.116 मिलियन यानी 81.16 लाख ग्राहक गंवाए हैं।

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पिछले कुछ सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो हर साल और हर महीने चाइना मोबाइल के ग्राहकों की संख्या में वृद्धि ही हुई है। साल 2018 के जून में कंपनी ने सबसे ज्यादा 4.16 मिलियन यानी 41.6 लाख ग्राहक बटोरे थे। अब सवाल यह है कि आखिर लोग चाइना मोबाइल को क्यों छोड़ रहे हैं। कुछ एक्सपर्ट का मानना है कि पिछले साल चीन में मोबाइल नंबर पोर्टेबलिटी (एमएनपी) लागू हुआ था जिसके बाद लोगों ने अपना नंबर बिना बदले ऑपरेटर्स बदले हैं और इसका सबसे अधिक नुकसान चाइना मोबाइल को हुआ है, क्योंकि चाइना मोबाइल के ग्राहक सबसे ज्यादा थे। बता दें कि चीन में चाइना मोबाइल के अलावा चाइना यूनिकॉम और टेलीफोनिका जैसी टेलीकॉम कंपनियां भी अपनी सेवाएं दे रही हैं।

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