Coronavirus 175 Nepali Citizens Were Brought Back From China, Kept In A Safe Place In Bhaktapur – चीन से 175 नेपाली नागरिक वापस लाए गए, भक्तपुर के सुरक्षित जगह पर रखे गए

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चीन में रह रहे 175 नेपाली लोगों को लेकर नेपाल एयरलाइंस का एक विमान रविवार को काठमांडू पहुंचा। इनमें 170 छात्र, दो पर्यटक, दो बच्चे और एक कर्मचारी हैं। सबसे ज्यादा 55 नेपाली नागरिक कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित वुहान से हैं, जबकि जिंगजो से 48 लोगों को लाया गया है। नेपाल सरकार के पास 185 लोगों ने उन्हें वापस ले जाने के लिए आवेदन आए थे, लेकिन अंतिम वक्त में उनमें से चार ने वहीं रहने का फैसला किया और छह मेडिकल कारणों से नहीं आ सके।

नेपाल सरकार ने शनिवार की रात अपनी एयरबस में नेपाली सेना के तीन पायलट, छह विमान कर्मचारी, इंजीनियर और डॉक्टर्स की टीम को वुहान भेजा था। काठमांडू के त्रिभुवन एयरपोर्ट पर लाए गए इन 175 लोगों की सबसे पहले मेडिकल जांच की गई फिर इन्हें भक्तपुर के एक सुरक्षित और अलग थलग स्थान पर रखा गया है। यहां उन्हें 60 कमरों में रखा गया है। उनमें से हरेक को सैनिटाइजर, साबुन, तौलिया, चप्पल, मास्क आदि दिए गए हैं।

नेपाल स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता महेन्द्र श्रेष्ठा ने बताया कि इन सभी छात्रों को उसी तरह एक साथ रखा गया है जैसे वह चीन के हॉस्टल में रहते थे। दिन भर में उनका दो बार टेम्परेचर लिया जाएगा और डॉक्टरों की टीम उनकी लगातार देखरेख करेगी। इन्हें अभी इनके परिवारवालों से भी नहीं मिलने दिया जाएगा। 40 दिनों तक इन्हें अलग ही रखा जाएगा।

सार

चीन में कोरोनावायरस के कहर के बीच फंसे 175 नेपाली नागरिकों को नेपाल ने एयरलिफ्ट करके चीन से बाहर निकाला है।

विस्तार

चीन में रह रहे 175 नेपाली लोगों को लेकर नेपाल एयरलाइंस का एक विमान रविवार को काठमांडू पहुंचा। इनमें 170 छात्र, दो पर्यटक, दो बच्चे और एक कर्मचारी हैं। सबसे ज्यादा 55 नेपाली नागरिक कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित वुहान से हैं, जबकि जिंगजो से 48 लोगों को लाया गया है। नेपाल सरकार के पास 185 लोगों ने उन्हें वापस ले जाने के लिए आवेदन आए थे, लेकिन अंतिम वक्त में उनमें से चार ने वहीं रहने का फैसला किया और छह मेडिकल कारणों से नहीं आ सके।

नेपाल सरकार ने शनिवार की रात अपनी एयरबस में नेपाली सेना के तीन पायलट, छह विमान कर्मचारी, इंजीनियर और डॉक्टर्स की टीम को वुहान भेजा था। काठमांडू के त्रिभुवन एयरपोर्ट पर लाए गए इन 175 लोगों की सबसे पहले मेडिकल जांच की गई फिर इन्हें भक्तपुर के एक सुरक्षित और अलग थलग स्थान पर रखा गया है। यहां उन्हें 60 कमरों में रखा गया है। उनमें से हरेक को सैनिटाइजर, साबुन, तौलिया, चप्पल, मास्क आदि दिए गए हैं।

नेपाल स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता महेन्द्र श्रेष्ठा ने बताया कि इन सभी छात्रों को उसी तरह एक साथ रखा गया है जैसे वह चीन के हॉस्टल में रहते थे। दिन भर में उनका दो बार टेम्परेचर लिया जाएगा और डॉक्टरों की टीम उनकी लगातार देखरेख करेगी। इन्हें अभी इनके परिवारवालों से भी नहीं मिलने दिया जाएगा। 40 दिनों तक इन्हें अलग ही रखा जाएगा।


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