Coronavirus All Updates : Wreaking Havoc On China, 904 People Killed, 40 Thousand Infected – कोरोनावायरस बरपा रहा कहर, चीन में 908 लोगों की मौत, 40 हजार से ज्यादा संक्रमित

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चीन में घातक कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 908 हो गई है और इसके संक्रमण के 40 हजार से अधिक मामलों की पुष्टि हो चुकी है। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने बताया कि रविवार को इससे 97 और लोगों की जान चली गई और 3,062 नए मामले सामने आए। आयोग के अनुसार 31 प्रांतीय स्तर के क्षेत्रों में इससे अब तक कुल 908 लोगों की जान जा चुकी है और कुल 40,171 मामलों की पुष्टि हुई है।

उसने बताया कि रविवार को 296 मरीज गंभीर रूप से बीमार हो गए, 6,484 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है और 23,589 लोगों के इससे संक्रमित होने की आशंका है। वहीं कुल 3,281 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई है।

इससे पहले चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने रविवार को बताया कि शनिवार को इससे 89 और लोगों की जान चली गई और 2,656 नए मामले सामने आए। जबकि शनिवार को 600 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्वास्थ्य आपातकालीन कार्यक्रम प्रमुख माइकल रेयान ने कहा कि चीन के हुबेई में आ रहे कोरोना वायरस के मामलों में ठहराव है। यह एक अच्छी खबर है, लेकिन इस बारे में कोई भी भविष्यवाणी करना जल्दबाजी होगा।

सार्स को पीछे छोड़ा
साल 2002 से 2003 के बीच सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिन्ड्रोम (सार्स) नामक वायरस ने खासी तबाही मचाई थी, पर अब कोरोना इससे कहीं आगे निकल गया है। उससे कहीं ज्यादा बड़ी महामारी बनकर अब सार्स उभर गया है सार्स की वजह से जहां 774 मौतें हुई थीं। कोरोना से संक्रमित लोगों का आंकड़ा भी करीब सार्स से संक्रमित लोगों का पांच गुना अधिक है। सार्स की वजह से 8,098 लोग संक्रमित थे।

कोरोना के तीन और संदिग्ध मरीज आरएमएल में भर्ती
नई दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) में रविवार को कोरोना वायरस के तीन संदिग्ध मरीजों को भर्ती किया गया है। तीनों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक भर्ती मरीजों में से एक 54 वर्षीय महिला मरीज हाल ही में चीन यात्रा से भारत लौटी है। वह कैलिफोर्निया से बीजिंग होते हुए वापस भारत आई थीं। करीब दो घंटे तक बीजिंग एयरपोर्ट रहने के बाद वह बीते 17 जनवरी को भारत आई थीं। ब्यूरो

ऋषिकेश एम्स पहुंचे कोरोना वायरस के दो आशंकित
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में कोरोना वायरस के आशंकित दो मामले पहुंचे हैं। दोनों लोगों के नमूनों को अभी प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा जाना है। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल ने बताया कि रविवार को एम्स ऋषिकेश में कोरोना वायरस के आशंकित दो मामले आए हैं।

अब तक सात संदिग्ध मामले यहां पहुंचे हैं। इनमें चार ओपीडी और आईपीडी में हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से तीन की रिपोर्ट नकारात्मक, एक लंबित, एक को कम संदेह के कारण परीक्षण नहीं किया गया और दो नमूने अभी प्रयोगशाला में भेजे जाने हैं। बताया कि सभी लोग स्वस्थ हैं। बताया कि नकारात्मक रिपोर्ट और संगरोध के बाद एक को छुट्टी दे दी गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को खत लिखकर कोरोना वायरस की आपदा से निपटने के लिए मदद की पेशकश की है। पत्र में उन्होंने चीन के साथ मिलकर इस संकट से उबरने का भरोसा दिलाया और इससे होने वाली मौतों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया। 

मोदी ने हुबेई प्रांत से करीब 650 भारतीयों को निकालने में मदद देने के लिए भी जिनपिंग का आभार जताया। हुबेई प्रांत कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित है। कोरोना वायरस की चपेट के खतरे में आने वाले देशों की सूची में भारत 17वें पायदान पर है। वहीं सबसे अधिक  खतरा थाईलैंड को है और उसके बाद जापान और दक्षिण कोरिया का नंबर है।

इस शोध के अनुसार दिल्ली के हवाई अड्डे को सबसे ज्यादा जोखिम है। उसके बाद मुंबई और कोलकाता का नंबर है। चौथे पायदान पर बंगलूरू को रखा गया है जबकि पांचवें पर चेन्नई, छठे पर हैदराबाद और सातवें स्थान पर कोच्चि एयरपोर्ट को रखा गया है।

सर्जिकल मास्क के निर्यात पर रोक हटी
सरकार ने सर्जिकल मास्क और दस्ताने के निर्यात पर लगा प्रतिबंध हटा लिया है। हालांकि अन्य उपकरणों पर लगी रोक जारी रहेगी। पिछले महीने कोरोना का संक्रमण फैलने के बाद ऐसे सभी उपकरणों के निर्यात पर रोक लगा दी गइ थी। विदेश व्यापार महानिदेशालय की अधिसूचना के मुताबिक, एक बार इस्तेमाल कर छोड़ दिए जाने वाले मास्क तथा एनबीआर ग्लव्स को छोड़कर सभी तरह के निर्यात की मंजूरी दे दी गई है। वहीं, एन 95 व अन्य उपकरणों पर प्रतिबंध जारी रहेगा।

एक शोध में पाया गया है कि कोरोनावायरस की चपेट के खतरे में आ सकने वाले देशों की सूची में भारत 17वें पायदान पर है। यह शोध जर्मनी के हम्बोल्ट यूनिवर्सिटी में एक रिसर्च करने वाली एक टीम ने किया है। 2019 नोवेल कोरोनावायरस ग्लोबल रिस्क असेसमेंट नामक शोध में कहा गया है कि उनका आकलन हवाई यातायात के आंकड़ों के आधार पर किया गया है।

इसमें कहा गया है कि सबसे अधिक खतरा थाईलैंड को है उसके बाद जापान और दक्षिण कोरिया का नंबर है। अमेरिका को छठा स्थान दिया गया है। इस सूची के 30 देशों में भारत के म्यांमार के अलावा किसी पड़ोसी देश का नाम नहीं आया है। हालांकि एक वैज्ञानिक ने इस तरह के शोध मॉडल के जरिए किसी तरह की भविष्यवाणी के प्रति चेताया भी है। शोध का नेतृत्व करनेे वाले डिर्क ब्रोकमैन ने कहा कि मॉडल केवल एक सीमा तक सही है।

देश के सभी हवाई अड्डों में दिल्ली एयरपोर्ट में सबसे ज्यादा रिस्क
इस शोध के अनुसार दिल्ली के हवाई अड्डे को सबसे ज्यादा जोखिम है। उसके बाद मुंबई और कोलकाता का नंबर है। चौथे पायदान पर बंगलूरू को रखा गया है जबकि पांचवें पर चेन्नई, छठे पर हैदराबाद और सातवें स्थान पर कोच्चि एयरपोर्ट को रखा गया है।

हंगरी की पुलिस ने झूठी खबरों को फैलाने वाले वेबसाइटों के एक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस के मुताबिक दर्जनों फेक न्यूज पोर्टल और फेसबुक पेज चलाने एक पुरुष और एक महिला ने दावा किया था कि कोरोना वायरस से कई लोग संक्रमित हुए हैं और मौतें हुई हैं। फेक न्यूज वेबसाइटों पर सनसनीखेज शीर्षक लगाए गए थे, जिनका लक्ष्य विज्ञापन से आमदनी बढ़ाना था।

हांगकांग में 26 और मकाऊ में 10 मामलों की पुष्टि 
चीन के विशेष प्रशासन वाले क्षेत्र हांगकांग में 26 और मकाऊ में 10 लोग इस कोरोना वायरस से पीड़ित पाए गए हैं। इसके अलावा ताइवान में भी 17 मामले सामने आए हैं। हांगकांग में एक मरीज की मौत हो चुकी है। पाकिस्तान में भी पांच संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं। संयुक्त अरब अमीरात में दो नए मामले सामने के आने इस बीमारी से पीड़ित लोगोें की तादाद सात पर पहुंच गई है।

चीन में कोरोना वायरस का आतंक इतना भयावह है कि लोगों से भरे रहने वाले इलाके भांय भांय कर रहे हैं और अब वहां कोई नहीं दिखता। एक वक्त था जब कई इलाकों में सड़कें लोगों की भीड़ से पटी रहती थीं पर अब वहां चिड़ियों के कोलाहल के अलावा कुछ आवाज पलट कर नहीं आ रही है। इसके चलते कई इलाके भुतहा शहर में तब्दील हो गए हैं।

यह हालात केवल बीजिंग या शंघाई तक नहीं सिमटे हुए हैं, विश्व के सबसे अधिक आबादी वाले मुल्क चीन में कई शहर आज इंसानी शक्लों सूरत तक से महरूम हो गए हैं। इसकी एक वजह कोरोना का डर तो है ही और साथ में सरकार का छुट्टियां बढ़ाने का ऐलान भी है। सरकार ने लोगों को घर में रहने की सलाह दी है। 

बांग्लादेश ने अपने 171 फंसे नागरिकों को निकालने की योजना रद्द की
कोरोना वायरस प्रभावित चीन जाने के लिए किसी हवाई जहाज का इंतजाम करने में फेल होने के बाद बांग्लादेश ने वहां फंसे अपने 171 नागरिकों को वापस लाने का प्लान  रद्द कर दिया है। बांग्लादेशी विमान के चालक दल के सदस्यों ने चीन जाने से इनकार करने से यह हालात बने हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार विदेश मंत्री ए के अब्दुल मोमेन ने कहा है  कि हम कोई विमान नहीं भेज सकते। चालक दल का कोई सदस्य भी वहां जाने को तैयार नहीं है। इसलिए, हमने इन नागरिकों को  इंतजार करने को कहा है। सरकार ने बताया कि ऐसे 171 बांग्लादेशी हैं जो देश लौटना चाहते हैं लेकिन उन्हें वापस नहीं लाया सकता। 

चीन में घातक कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 908 हो गई है और इसके संक्रमण के 40 हजार से अधिक मामलों की पुष्टि हो चुकी है। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने बताया कि रविवार को इससे 97 और लोगों की जान चली गई और 3,062 नए मामले सामने आए। आयोग के अनुसार 31 प्रांतीय स्तर के क्षेत्रों में इससे अब तक कुल 908 लोगों की जान जा चुकी है और कुल 40,171 मामलों की पुष्टि हुई है।

उसने बताया कि रविवार को 296 मरीज गंभीर रूप से बीमार हो गए, 6,484 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है और 23,589 लोगों के इससे संक्रमित होने की आशंका है। वहीं कुल 3,281 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई है।

इससे पहले चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने रविवार को बताया कि शनिवार को इससे 89 और लोगों की जान चली गई और 2,656 नए मामले सामने आए। जबकि शनिवार को 600 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्वास्थ्य आपातकालीन कार्यक्रम प्रमुख माइकल रेयान ने कहा कि चीन के हुबेई में आ रहे कोरोना वायरस के मामलों में ठहराव है। यह एक अच्छी खबर है, लेकिन इस बारे में कोई भी भविष्यवाणी करना जल्दबाजी होगा।

सार्स को पीछे छोड़ा
साल 2002 से 2003 के बीच सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिन्ड्रोम (सार्स) नामक वायरस ने खासी तबाही मचाई थी, पर अब कोरोना इससे कहीं आगे निकल गया है। उससे कहीं ज्यादा बड़ी महामारी बनकर अब सार्स उभर गया है सार्स की वजह से जहां 774 मौतें हुई थीं। कोरोना से संक्रमित लोगों का आंकड़ा भी करीब सार्स से संक्रमित लोगों का पांच गुना अधिक है। सार्स की वजह से 8,098 लोग संक्रमित थे।

कोरोना के तीन और संदिग्ध मरीज आरएमएल में भर्ती
नई दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) में रविवार को कोरोना वायरस के तीन संदिग्ध मरीजों को भर्ती किया गया है। तीनों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक भर्ती मरीजों में से एक 54 वर्षीय महिला मरीज हाल ही में चीन यात्रा से भारत लौटी है। वह कैलिफोर्निया से बीजिंग होते हुए वापस भारत आई थीं। करीब दो घंटे तक बीजिंग एयरपोर्ट रहने के बाद वह बीते 17 जनवरी को भारत आई थीं। ब्यूरो

ऋषिकेश एम्स पहुंचे कोरोना वायरस के दो आशंकित
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में कोरोना वायरस के आशंकित दो मामले पहुंचे हैं। दोनों लोगों के नमूनों को अभी प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा जाना है। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल ने बताया कि रविवार को एम्स ऋषिकेश में कोरोना वायरस के आशंकित दो मामले आए हैं।

अब तक सात संदिग्ध मामले यहां पहुंचे हैं। इनमें चार ओपीडी और आईपीडी में हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से तीन की रिपोर्ट नकारात्मक, एक लंबित, एक को कम संदेह के कारण परीक्षण नहीं किया गया और दो नमूने अभी प्रयोगशाला में भेजे जाने हैं। बताया कि सभी लोग स्वस्थ हैं। बताया कि नकारात्मक रिपोर्ट और संगरोध के बाद एक को छुट्टी दे दी गई।


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