Covid-19 Impact: Moodys Cut Down India GDP Forecast To 0.2 Percent – Moodys ने बिगाड़ा Indian Economy का अनुमान, 0.2 फीसदी रह सकती है GDP

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  • मूडीज का अनुमान, कैलेंडर ईयर 2020 में भारत का GDP Growth Rate 0.2 फीसदी रहेगा
  • मूडीज के अनुसार, Calender Year 2021 में भारत की वृद्धि दर 6.2 फीसदी रहने का अनुमान

नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( coronavirus ) की वजह से इंडियन इकोनाॅमी ( Indian Economy ) में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। सभी रेटिंग्स एजेंसियां लगातार अपने जीडीपी अनुमान ( GDP Estimates ) में संशोधन कर गिरावट दिखा रही है। हाल ही केयर रेटिंग्स ने भारत की जीडीपी का अनुमान 0.8 फीसदी लगाया था। वहीं अब मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ( Moody’s Investors Service ) इससे भी नीचे लेकर चला गया है। मूडीज के अनुमान के अनुसार 2020 कैलेंडर ईयर में भारत की जीडीपी 0.2 फीसदी रह सकती है। वहीं कैलेंडर ईयर 2021 ( Calender Year 2021 ) में भारत की जीडीपी 6 फीसदी से अधिक रहने की उम्मीद जताई है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर मूडीज की ओर से किस तरह की रिपोर्ट दाखिल की गई है।

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मूडीज की रिपोर्ट
मूडीज की रिपोर्ट के अनुसार भारत में लॉकडाउन 40 दिनों का चल रहा है। वहीं एग्रीकल्चर सेक्टर में छूट देखने को मिल रही है। रिपोर्ट के अनुसार भारत सरकार की ओर से सुनिश्चित किया है कि देश के हिस्से वायरस मुक्त रहें। देश में विभिन्न सेक्टर्स को खोलने के लिए फेज वाइज योजना बनाई है। मूडीज रिपोर्ट के अनुसार जी20 देशों के जीडीपी रेट में सामूहिक रूप से 5.8 फीसदी की कमी रहने का अनुमान है। 2020 में चीन की जीडीपी दर एक फीसदी रह सकती है।

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फिच ने भी जारी किया अलर्ट
वहीं दूसरी ओर गलोबल रेटिंग एजेंसी फिच की ओर से भी एक अलर्ट जारी किया गया है। फिच के अनुसार कमजोर जीडीपी दर एवं वित्तीय मानदंडों में ढील से भारत के फाइनेंशियल आउटलुक की स्थिति कमजोर होती है तो देश की रेटिंग पर दबाव देखने को मिल सकता है। फिच के अनुसार लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने के साथ ही देश की जीडीपी को आगे बढ़ाने के लिए सरकार नए आर्थिक पैकेज की घोषणा कर सकती है। ऐसे में भारत की रेटिंग का आंकलन संकट बाद के माहौल पर किया जाएगा। आपको बता दें कि कुछ दिन पहले केयर रेटिंग्स की ओर से भी भारत की जीडीपी एक फीसदी से नीचे का अनुमान लगाया गया था।


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