Delhi court sends 10 accused for 14 days judicial custody to Tihar

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नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के गार्गी कॉलेज में वार्षिकोत्सव में छात्राओं के साथ सामूहिक छेड़छाड़ के मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 10 लोगों को गुरुवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “गिरफ्तार लोगों को हौज खास के ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।”

दिल्ली की साकेत कोर्ट ने बृहस्पतिवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए इससे जुड़े सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। बृहस्पतिवार को साकेत कोर्ट ने सभी 10 आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया।

सभी गिरफ्तार किए गए व्यक्ति 18 से 25 की उम्र के हैं और दिल्ली-एनसीआर के सार्वजनिक व निजी विश्वविद्यालयों के छात्र हैं। दिल्ली पुलिस ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज की स्कैनिंग के दौरान पता चला कि आरोपी व्यक्ति जबरन कॉलेज में घुसे और उन्होंने कॉलेज के एक गेट को भी तोड़ दिया।

पुलिस ने आगे कहा, “लगभग 11 टीमें मामले के सभी पहलुओं पर काम कर रही हैं। ये टीमें उपलब्ध तकनीकी विवरणों पर गौर कर रही हैं और संदिग्धों की पहचान और मामले की जांच के संबंध में एनसीआर के विभिन्न जगहों पर जा रही हैं।”

दक्षिण दिल्ली के डीसीपी अतुल ठाकुर ने एक बयान में कहा, “कई लोगों से पूछताछ हो रही है और कई संदिग्ध चिह्नित हुए हैं।”

इससे पहले गुरुवार को इस केस की सीबीआई से जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पहुंचे वकील एमएल शर्मा की याचिका स्वीकार नहीं की गई। सर्वोच्च अदालत ने वकील से कहा कि इस मामले में वह अपनी याचिका दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल करें।

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली बेंच ने वकील शर्मा से कहा कि वह अपनी याचिका दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल करें। वकील ने अपनी याचिका को तत्काल सुनवाई में लिस्ट करवाया था। शर्मा ने अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी कि वो सीबीआई जांच के आदेश देेने के साथ ही गार्गी कॉलेज कैंपस के अंदर-बाहर और आसपास के सारे वीडियो और सीसीटीवी रिकॉर्ड्स को सीज करने का आदेश दें।

संसद में भी उठा था मुद्दा

सोमवार को संसद में विपक्ष की ओर से यह मुद्दा उठाया गया। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने इसका जवाब देते हुए कहा, “गार्गी कॉलेज में हुई घटना की जांच की जा रही है। इस घटना को बाहरी लोगों द्वारा अंजाम दिया गया है। उनके मंत्रालय की ओर से कॉलेज प्रशासन को इस पर ध्यान देने के लिए कहा गया है। हमने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। गार्गी कॉलेज में घुसकर छात्राओं से अभद्रता करने वाले लोग छात्र नहीं हैं। कॉलेज में घुसे ये लोग बाहरी थे।”

महिला आयोग की टीम का दौरा, छात्राओं का प्रदर्शन

महिला आयोग की टीम ने वारदात के बाद कॉलेज का दौरा किया। उधर कॉलेज की छात्राएं कॉलेज प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। छात्राओं का कहना है कि प्रशासन अभी तक इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने भी सोमवार को विरोध प्रदर्शन के बीच गार्गी कॉलेज में छात्राओं व कॉलेज प्रशासन से मुलाकात की।

क्या था मामला

गौरतलब है कि बीते 6 फरवरी को गार्गी कॉलेज के फेस्ट में जुबिन नौटियाल का शो आयोजित किया गया था। इस शो के दौरान छात्राओं से अभद्रता की गई। अभद्रता करने वाले हुड़दंगी कॉलेज की दीवार फांद कर जबरदस्ती कॉलेज परिसर के अंदर दाखिल हुए और छात्राओं से छेड़छाड़ की। कई आरोपियों ने तो कॉलेज के बाहर मेट्रो स्टेशन तक छात्राओं का पीछा किया।

गार्गी कॉलेज में छात्राओं के साथ हुई छेड़छाड़ के मामले में सोमवार दोपहर को कॉलेज प्रबंधन ने दिल्ली पुलिस को एक लिखित शिकायत भेजी। इस शिकायत के आधार पर हौजखास पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 452/354/509/34 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।











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