Donald Trump Aide Roger Stone Sentenced Jailed For 40 Months Convicted For Parliamentary Inquiry – ट्रंप के पूर्व सहयोगी रोजर स्टोन को 40 महीने की सजा, संसदीय जांच में बाधा डालने के आरोप में दोषी

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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लंबे समय से विश्वासपात्र रहे रोजर स्टोन को गुरुवार को एक अदालत ने 40 महीने की सजा सुनाई। रोजर को संसदीय जांच में बाधा डालने के लिए सजा सुनाई गई। इससे न्याय प्रणाली में राष्ट्रपति के हस्तक्षेप के बारे में आशंकाओं को जन्म दिया है। रोजर फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील कर सकते हैं। 

जज एमी बर्मन जैक्सन द्वारा सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से स्टोन की सजा को अनुचित ठहराया। जज एमी बर्मन जैक्सन ने फैसला सुनाते वक्त कहा कि सच्चाई अब भी जिंदा है और इसका महत्व हमेशा रहेगा। स्टोन ने खुद को बचाने के लिए झूठ बोला। उनकी वजह से हमारे मौलिक संस्थानों को खतरा पहुंचा है।  जज ने कहा कि स्टोन को फिलहाल जेल नहीं भेजा जाएगा। उनके पास ऊपरी अदालत में अपील का कानूनी अधिकार है। 

इस मामले को ट्रंप और अटॉर्नी जनरल विलियम बर के बीच सार्वजनिक रूप से विवाद भी हुआ था, जिन्होंने कहा कि राष्ट्रपति विभाग की स्वतंत्रता को कमजोर कर रहे थे और मुझे अपना काम करना असंभव था। राष्ट्रपति ने यह कहते हुए जवाब दिया था कि वह संघीय सरकार के मुख्य कानून प्रवर्तन अधिकारी थे।

स्टोन अमेरिकी राष्ट्रपति के छठवें सहयोगी हैं जिन पर सत्ता के दुरुपयोग के आरोप लगे हैं। हालांकि, सीनेट ने उन्हें महाभियोग प्रस्ताव से बरी कर दिया है। स्टोन को नवंबर में सजा के सभी सात मामलों में दोषी ठहराया गया था, जिसमें उन पर अमेरिकी कांग्रेस से झूठ बोलने, एक गवाह के साथ छेड़छाड़ करने और सदन की जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया गया था। वह 2016 के चुनाव में संभावित रूसी हस्तक्षेप की विशेष वकील रॉबर्ट मुलर की जांच के हिस्से के रूप में लाए गए ट्रंप के छठे सहयोगी या सलाहकार हैं।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लंबे समय से विश्वासपात्र रहे रोजर स्टोन को गुरुवार को एक अदालत ने 40 महीने की सजा सुनाई। रोजर को संसदीय जांच में बाधा डालने के लिए सजा सुनाई गई। इससे न्याय प्रणाली में राष्ट्रपति के हस्तक्षेप के बारे में आशंकाओं को जन्म दिया है। रोजर फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील कर सकते हैं। 

जज एमी बर्मन जैक्सन द्वारा सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से स्टोन की सजा को अनुचित ठहराया। जज एमी बर्मन जैक्सन ने फैसला सुनाते वक्त कहा कि सच्चाई अब भी जिंदा है और इसका महत्व हमेशा रहेगा। स्टोन ने खुद को बचाने के लिए झूठ बोला। उनकी वजह से हमारे मौलिक संस्थानों को खतरा पहुंचा है।  जज ने कहा कि स्टोन को फिलहाल जेल नहीं भेजा जाएगा। उनके पास ऊपरी अदालत में अपील का कानूनी अधिकार है। 

इस मामले को ट्रंप और अटॉर्नी जनरल विलियम बर के बीच सार्वजनिक रूप से विवाद भी हुआ था, जिन्होंने कहा कि राष्ट्रपति विभाग की स्वतंत्रता को कमजोर कर रहे थे और मुझे अपना काम करना असंभव था। राष्ट्रपति ने यह कहते हुए जवाब दिया था कि वह संघीय सरकार के मुख्य कानून प्रवर्तन अधिकारी थे।

स्टोन अमेरिकी राष्ट्रपति के छठवें सहयोगी हैं जिन पर सत्ता के दुरुपयोग के आरोप लगे हैं। हालांकि, सीनेट ने उन्हें महाभियोग प्रस्ताव से बरी कर दिया है। स्टोन को नवंबर में सजा के सभी सात मामलों में दोषी ठहराया गया था, जिसमें उन पर अमेरिकी कांग्रेस से झूठ बोलने, एक गवाह के साथ छेड़छाड़ करने और सदन की जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया गया था। वह 2016 के चुनाव में संभावित रूसी हस्तक्षेप की विशेष वकील रॉबर्ट मुलर की जांच के हिस्से के रूप में लाए गए ट्रंप के छठे सहयोगी या सलाहकार हैं।


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