Donald Trump Says 184 Nations Are Going Through Hell As China Failed To Stop Coronavirus On Its Source – कोरोना को चीन में नहीं रोका गया इसलिए 184 देश नर्क से गुजर रहे हैं: ट्रंप

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वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Updated Wed, 29 Apr 2020 09:15 AM IST

डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)
– फोटो : social media

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि चीन स्रोत पर कोरोना वायरस को रोकने में नाकाम रहा। जिसकी वजह से 184 देश नर्क से गुजर रहे हैं। अमेरिकी नेताओं ने मांग की है कि देश को विनिर्माण और खनिजों के लिए चीन पर निर्भरता कम करनी होगी। अमेरिका लगातार वायरस को लेकर चीन पर आरोप लगा रहा है।

ट्रंप सार्वजनिक रूप से ‘अदृश्य शत्रु’ के वैश्विक प्रसार को लेकर चीन को लगातार जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और उन्होंने इसके खिलाफ जांच शुरू कर दी है। उनका कहना है कि अमेरिका महामारी से हुए नुकसान को लेकर चीन से जर्मनी के मुकाबले ज्यादा मुआवजा लेगा। जर्मनी ने चीन से 12.41 लाख करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा है।

अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी के नेताओं का मानना है कि यदि चीन ने पारदर्शिता बरती होती और वायरस के शुरुआती चरणों में इसकी जानकारी साझा की होती तो इतने सारे लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण मौतें और वैश्विक अर्थव्यवस्था के विनाश से बचा जा सकता था। कई और देश चीन से उन्हें पहुंचे नुकसान को लेकर मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

व्हाइट हाउस में मंगलवार को संवाददाताओं से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘184 देशों में, जैसा कि आप मुझे अक्सर कहते सुनते हैं। यह मानना मुश्किल है। यह अकल्पनीय है। इसे इसके स्रोत यानी चीन पर ही रोक देना चाहिए था। इसे वहीं पर रोका जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब 184 देश नर्क से गुजर रहे हैं।’

अमेरिका वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित है। इसके बाद अमेरिकी नेताओं ने ट्रंप पर दबाव डालना शुरू कर दिया है कि देश को चीन पर अपनी निर्भरता कम करनी होगी। सांसद टेड क्रूज और उनके सहयोगियों ने रक्षा सचिव मार्क एरिजोना और आंतरिक सचिव डेविड बर्नहार्ट से आग्रह किया है कि रक्षा प्रौद्योगिकी के लिए जरूरी दुर्लभ खनिजों को लेकर हमें चीन पर अपनी निर्भरता कम करनी होगी।

बता दें कि कोरोना वायरस का पहला मामला सबसे पहले चीन के वुहान में पिछले साल नवंबर में सामने आया था। इसके कारण दुनियाभर में अब तक दो लाख से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है जबकि 30 लाख से ज्यादा संक्रमित हैं। अमेरिका में वायरस ने सबसे ज्यादा 56 हजार लोगों की जान ली है और दस लाख से ज्यादा संक्रमित हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि चीन स्रोत पर कोरोना वायरस को रोकने में नाकाम रहा। जिसकी वजह से 184 देश नर्क से गुजर रहे हैं। अमेरिकी नेताओं ने मांग की है कि देश को विनिर्माण और खनिजों के लिए चीन पर निर्भरता कम करनी होगी। अमेरिका लगातार वायरस को लेकर चीन पर आरोप लगा रहा है।

ट्रंप सार्वजनिक रूप से ‘अदृश्य शत्रु’ के वैश्विक प्रसार को लेकर चीन को लगातार जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और उन्होंने इसके खिलाफ जांच शुरू कर दी है। उनका कहना है कि अमेरिका महामारी से हुए नुकसान को लेकर चीन से जर्मनी के मुकाबले ज्यादा मुआवजा लेगा। जर्मनी ने चीन से 12.41 लाख करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा है।
अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी के नेताओं का मानना है कि यदि चीन ने पारदर्शिता बरती होती और वायरस के शुरुआती चरणों में इसकी जानकारी साझा की होती तो इतने सारे लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण मौतें और वैश्विक अर्थव्यवस्था के विनाश से बचा जा सकता था। कई और देश चीन से उन्हें पहुंचे नुकसान को लेकर मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

व्हाइट हाउस में मंगलवार को संवाददाताओं से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘184 देशों में, जैसा कि आप मुझे अक्सर कहते सुनते हैं। यह मानना मुश्किल है। यह अकल्पनीय है। इसे इसके स्रोत यानी चीन पर ही रोक देना चाहिए था। इसे वहीं पर रोका जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब 184 देश नर्क से गुजर रहे हैं।’

अमेरिका वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित है। इसके बाद अमेरिकी नेताओं ने ट्रंप पर दबाव डालना शुरू कर दिया है कि देश को चीन पर अपनी निर्भरता कम करनी होगी। सांसद टेड क्रूज और उनके सहयोगियों ने रक्षा सचिव मार्क एरिजोना और आंतरिक सचिव डेविड बर्नहार्ट से आग्रह किया है कि रक्षा प्रौद्योगिकी के लिए जरूरी दुर्लभ खनिजों को लेकर हमें चीन पर अपनी निर्भरता कम करनी होगी।

बता दें कि कोरोना वायरस का पहला मामला सबसे पहले चीन के वुहान में पिछले साल नवंबर में सामने आया था। इसके कारण दुनियाभर में अब तक दो लाख से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है जबकि 30 लाख से ज्यादा संक्रमित हैं। अमेरिका में वायरस ने सबसे ज्यादा 56 हजार लोगों की जान ली है और दस लाख से ज्यादा संक्रमित हैं।

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