Eyebrow hair loss and spanish hair loss : Causes and treatments

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बालों का झड़ना बेहद चिंताजनक हो सकता है, चाहे वह शरीर के किसी भी हिस्से में हो। यह सिर, भौहें और यहां तक कि पलकों के बाल भी हो सकते हैं। सिर के बालों की तरह भौहें और पलकों के बालों का झड़ना समान रूप से खतरे की बात है। कोई भी बाल झड़ना कई संभावित ट्रिगर्स के कारण हो सकता है। जरूरी पोषक तत्वों या कीमोथैरेपी जैसे मेडिकल ट्रीटमेंट के कारण ये बाल झड़ सकते हैं, लेकिन इनके अलावा मेकअप का खूब उपयोग भौहें या पलकों के बाल झड़ने का कारण हो सकता है। इससे भी महत्वपूर्ण बात किसी को इलाज की तलाश से पहले संभावित कारणों को जानना चाहिए। इसलिए कुछ आवश्यक कारकों को ध्यान में रखते हुए ये भौहें और पलकों के नुकसान के संभावित कारण हो सकते हैं।

हाइपोथायरायडिज्म
लोग अगर सोचते है कि हाइपोथायरायडिज्म केवल शरीर के वजन में अंतर के बारे में है तो ऐसा नहीं है। लंबे समय तक और अनियंत्रित हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म बालों के झड़ने के पीछे महत्वपूर्ण कारण हैं। बालों के झड़ने की मात्रा उस चरण के सीधे आनुपातिक है जिस पर थायराइड का निदान और इलाज किया गया था। कुछ मामलों में, ऐसे समय भी होते हैं जब दवा के कारण बालों का झड़ना अधिक होता है। कुछ लोगों का मानना है कि दवा को वापस लेने से इस पर नियंत्रण किया जा सकता है। इससे हालात और खराब हो सकते हैं। बालों के झड़ने के अलावा वजन बढ़ना, थकान, मूड में बदलाव थायराइड के कुछ सामान्य लक्षण हैं।

ट्रिकोटिलोमेनिया या हेयर पुलिंग डिसऑर्डर
www.myupchar.com से जुड़े एम्स के डॉ. उमर अफरोज का कहना है कि कुछ व्यक्तियों को एहसास नहीं होता, लेकिन वे अपने बालों को तोड़ने या खींचने लगते हैं। इस मेंटल हेल्थ सिंड्रोम को ट्रिकोटिलोमेनिया कहा जाता है। इसमें एक व्यक्ति भौहें, पलकें, स्कैल्प और शरीर के अन्य हिस्सों से बाल खींचने लगता है। यह एक गंभीर विकार है। क्योंकि बिना किसी चिकनाई के शरीर के बालों को खींचने से गंभीर फोड़े और फफोले हो सकते हैं। बालों के झड़ने का कारण ऐसा है कि कोई निश्चित दवा पहले से निर्धारित नहीं की जा सकती है। हर मामला विकार के स्तर पर निर्भर करता है। ट्राइकोटिलोमेनिया के लक्षणों को समझना जरूरी है। इसमें शरीर के विभिन्न हिस्सों से बाल खींचने का प्रयास, शरीर से बाल खींचने के बाद खुशी और राहत महसूस होना, पैचेस में हेयर लॉस, निकाले हुए बाल खाना, खींचे गए बालों के साथ खेलना और सार्वजनिक रूप से पूछे जाने पर इस सिंड्रोम को स्वीकार नहीं करना।

एलोपेशिया एरिटा
एलोपेशिया में बालों का नुकसान शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है जिसमें स्कैल्प, भौहें और पलकें भी शामिल हैं। यह स्थिति धीरे-धीरे और स्थिर रूप से बढ़ती है। www.myupchar.com से जुड़ी डॉ. अप्रतिम गोयल का कहना है कि यह मुख्य रूप से तब होता है जब किसी के शरीर का इम्यून सिस्टम बालों के रोम पर हमला करता है। इससे इसका झड़ना शुरू हो जाते हैं। कई मामलों में एलोपेशिया एरीटा भी कारण हो सकता है, क्योंकि यह ऑटोइम्यून डिसऑर्डर्स जैसे विटिलिगो, थायराइड के कारण भी हो सकता है।

कीमोथैरेपी
बालों के झड़ने का बड़ा कारण कीमोथैरेपी भी है। यह इलाज कैंसर के मरीजों को दिया जाता है। शरीर में तेजी से बढ़ती कैंसर कोशिकाओं को मारने के लिए कीमोथैरेपी सबसे प्रभावी उपचारों में है। लेकिन अधिकतर मामलों में यह पूरे शरीर के बालों के जड़ पर भी हमला करती है। कुछ कीमो दवाएं भी इसका कारण बनती है। ये दवाएं भौहों, पलकों को भी प्रभावित करती हैं।

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यह लेख myUpchar.com द्वारा लिखे गए हैं


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