Facebook To Share Users Data With Researchers To Fight Covid-19 – कोरोना वायरस: फेसबुक ने शोधकर्ताओं को दी यूजर्स की लोकेशन हिस्ट्री

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फेसबुक ने सोमवार को कहा कि वह उपयोगकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखते हुए उनकी आवाजाही तथा उनके रिश्तों के बारे में शोधकर्ताओं को जानकारी मुहैया करा रहा है, ताकि इस बात को समझा जा सके कि वायरस संक्रमण आगे कहां फैल सकता है।

फेसबुक के प्रमुख अधिकारियों के एक्स जिन और लौरा मैकगोर्मन ने एक पोस्ट में लिखा कि सोशल नेटवर्किंग कंपनी ‘‘जनसंख्या आवाजाही’’ को लेकर अपने मैप को उन्नत कर रही है, जिसमें ‘‘इनसाइट मूवमेंट’’ टूल शामिल है। उन्होंने कहा कि इसमें लोगों की निजता को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।

जिन और मैकगोर्मन ने कहा, ‘‘अस्पताल सही संसाधन प्राप्त करने के लिए काम कर रहे हैं, और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियां सही दिशानिर्देश चाह रही हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें इस बारे में बेहतर जानकारी चाहिए कि क्या निवारक उपाय काम कर रहे हैं और वायरस कैसे फैल सकता है।’’

पिछले सप्ताह गूगल ने भी इस तरह के कदम की घोषणा की थी, जिसमें कहा गया था कि दुनिया भर में उपयोगकर्ताओं की आवाजाही से संबंधित डेटा प्रदान करेगा, जो सरकारों को कोरोना-19 महामारी को काबू में पाने के लिए लागू किए गए ‘सामाजिक दूरी’ के उपायों के असर का पता लगाने में मदद करेगा।

सार

  • फेसबुक ने रिसर्च के लिए साझा की यूजर्स की लोकेशन हिस्ट्री
  • पहचान रखी गई है गोपनीय
  • वायरस फैलने को पैटर्न को किया जाएगा ट्रैक

विस्तार

फेसबुक ने सोमवार को कहा कि वह उपयोगकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखते हुए उनकी आवाजाही तथा उनके रिश्तों के बारे में शोधकर्ताओं को जानकारी मुहैया करा रहा है, ताकि इस बात को समझा जा सके कि वायरस संक्रमण आगे कहां फैल सकता है।

फेसबुक के प्रमुख अधिकारियों के एक्स जिन और लौरा मैकगोर्मन ने एक पोस्ट में लिखा कि सोशल नेटवर्किंग कंपनी ‘‘जनसंख्या आवाजाही’’ को लेकर अपने मैप को उन्नत कर रही है, जिसमें ‘‘इनसाइट मूवमेंट’’ टूल शामिल है। उन्होंने कहा कि इसमें लोगों की निजता को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।

जिन और मैकगोर्मन ने कहा, ‘‘अस्पताल सही संसाधन प्राप्त करने के लिए काम कर रहे हैं, और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियां सही दिशानिर्देश चाह रही हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें इस बारे में बेहतर जानकारी चाहिए कि क्या निवारक उपाय काम कर रहे हैं और वायरस कैसे फैल सकता है।’’

पिछले सप्ताह गूगल ने भी इस तरह के कदम की घोषणा की थी, जिसमें कहा गया था कि दुनिया भर में उपयोगकर्ताओं की आवाजाही से संबंधित डेटा प्रदान करेगा, जो सरकारों को कोरोना-19 महामारी को काबू में पाने के लिए लागू किए गए ‘सामाजिक दूरी’ के उपायों के असर का पता लगाने में मदद करेगा।

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