Food By Hand Delicious And Satisfying, But Also Cause Of Weight Gaining According To Research – हाथ से खाना स्वादिष्ट और संतुष्टि देने वाला, लेकिन वजन बढ़ने का भी डर

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हाथों से खाना अक्सर ज्यादा स्वादिष्ट लगता है, लेकिन यह वजन बढ़ने का कारण भी हो सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि भोजन को छूने से मस्तिष्क को संतुष्टि का अहसास होता है। केवल छूने भर से मस्तिष्क यह सोचने लगता है कि खाना स्वादिष्ट है। हालांकि, तीन अलग-अलग शोधों के जरिये शोधकर्ताओं ने बताया है कि छुरी-चम्मच के बदले हाथों से खाने का फायदा उन्हीं लोगों को मिलता है, जो अपनी डाइट को नियंत्रित रख पाते हैं। इसका कारण यह है कि हाथों से खाते हुए इंसान अक्सर अपनी डाइट से ज्यादा खा लेता है।

पहला प्रयोग- हाथ से खाना ज्यादा स्वादिष्ट

न्यूयॉर्क के स्टीवेंस यूनिवर्सिटी में शोध के दौरान 45 लोगों के सामने चीज के टुकड़े रखे गए। उनसे कहा गया कि थोड़ी देर तक चीज को केवल देखें, फिर उसे पकड़ें और अंत में खाएं। चीज को पकड़ने के लिए आधे लोगों को कांटेदार चम्मच दिया गया और बाकी को हाथ से पकड़ने को कहा गया। अपनी डाइट पर नियंत्रण रखने वाले अधिकांश लोगों ने कहा कि हाथों से पकड़ने के बाद चीज खाना ज्यादा स्वादिष्ट था। वहीं, डाइट पर नियंत्रण नहीं रखने वाले अधिकांश लोगों का जवाब इससे अलग था।

दूसरा प्रयोग- हाथ से छूने वालों ने बताई ज्यादा खासियतें

दूसरे प्रयोग में 145 अंडरग्रेजुएट छात्रों को दो समूहों में बांटा गया। पहले समूह को डाइट पर नियंत्रण रखने को कहा गया जिससे उनकी फिटनेस बेहतर हो। दूसरे समूह को फिटनेस की चिंता छोड़ मर्जी से खाने को कहा गया। दोनों समूहों को स्वादिष्ट कप केक दिया गया। दोनों समूह में आधे लोगों को  चम्मच मिला जबकि बाकी लोगों को हाथ से इसे छूने को कहा गया। दोनों समूहों को केक की खासियतों के बारे में बताने को कहा गया। केक को हाथ से छूने वाले वे लोग जिन्हें अपनी डाइट पर नियंत्रण था, ने बाकियों के मुकाबले केक की ज्यादा खासियतें बताई।

तीसरा प्रयोग- डाइट पर नियंत्रण से ही फायदा

तीसरे प्रयोग में 77 लोग शामिल थे जिन्हें एक कंटेनर में चीज के टुकड़े दिए गए। उन्हें भरने के लिए एक फॉर्म दिया गया और इस दौरान जितना चाहें, चीज के टुकड़े खाने को कहा गया। उन्हें अपने हाथों से या चम्मच से खाने की छूट दी गई। नतीजों में पता चला कि हाथ से खाने वाले और डाइट पर नियंत्रण रखने वाले लोगों ने चम्मच से खाने वालों की तुलना में ज्यादा टुकड़े खाए। वहीं, डाइट पर नियंत्रण नहीं रख सकने वालों ने चम्मच से चीज के औसतन छह टुकड़े खाए, लेकिन हाथ से चार टुकड़े ही खा पाए।

जर्नल ऑफ रिटेलिंग में प्रकाशित शोध के नतीजों में मुख्य शोधकर्ता एड्रियाना मझारोव ने बताया कि हाथ से या चम्मच से खाने वाले लोगों के बीच फर्क बेहद महीन है लेकिन खाने की चीजों के प्रति लोगों के रवैये में आने वाले बदलाव को बताता है। उन्होंने कहा कि अपनी डाइट को नियमित रूप से नियंत्रित रखने वाले लोगों को अपने हाथों से खाना ज्यादा स्वादिष्ट और संतुष्टिदायक लगता है। 

हाथों से खाना अक्सर ज्यादा स्वादिष्ट लगता है, लेकिन यह वजन बढ़ने का कारण भी हो सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि भोजन को छूने से मस्तिष्क को संतुष्टि का अहसास होता है। केवल छूने भर से मस्तिष्क यह सोचने लगता है कि खाना स्वादिष्ट है। हालांकि, तीन अलग-अलग शोधों के जरिये शोधकर्ताओं ने बताया है कि छुरी-चम्मच के बदले हाथों से खाने का फायदा उन्हीं लोगों को मिलता है, जो अपनी डाइट को नियंत्रित रख पाते हैं। इसका कारण यह है कि हाथों से खाते हुए इंसान अक्सर अपनी डाइट से ज्यादा खा लेता है।

पहला प्रयोग- हाथ से खाना ज्यादा स्वादिष्ट

न्यूयॉर्क के स्टीवेंस यूनिवर्सिटी में शोध के दौरान 45 लोगों के सामने चीज के टुकड़े रखे गए। उनसे कहा गया कि थोड़ी देर तक चीज को केवल देखें, फिर उसे पकड़ें और अंत में खाएं। चीज को पकड़ने के लिए आधे लोगों को कांटेदार चम्मच दिया गया और बाकी को हाथ से पकड़ने को कहा गया। अपनी डाइट पर नियंत्रण रखने वाले अधिकांश लोगों ने कहा कि हाथों से पकड़ने के बाद चीज खाना ज्यादा स्वादिष्ट था। वहीं, डाइट पर नियंत्रण नहीं रखने वाले अधिकांश लोगों का जवाब इससे अलग था।

दूसरा प्रयोग- हाथ से छूने वालों ने बताई ज्यादा खासियतें

दूसरे प्रयोग में 145 अंडरग्रेजुएट छात्रों को दो समूहों में बांटा गया। पहले समूह को डाइट पर नियंत्रण रखने को कहा गया जिससे उनकी फिटनेस बेहतर हो। दूसरे समूह को फिटनेस की चिंता छोड़ मर्जी से खाने को कहा गया। दोनों समूहों को स्वादिष्ट कप केक दिया गया। दोनों समूह में आधे लोगों को  चम्मच मिला जबकि बाकी लोगों को हाथ से इसे छूने को कहा गया। दोनों समूहों को केक की खासियतों के बारे में बताने को कहा गया। केक को हाथ से छूने वाले वे लोग जिन्हें अपनी डाइट पर नियंत्रण था, ने बाकियों के मुकाबले केक की ज्यादा खासियतें बताई।

तीसरा प्रयोग- डाइट पर नियंत्रण से ही फायदा

तीसरे प्रयोग में 77 लोग शामिल थे जिन्हें एक कंटेनर में चीज के टुकड़े दिए गए। उन्हें भरने के लिए एक फॉर्म दिया गया और इस दौरान जितना चाहें, चीज के टुकड़े खाने को कहा गया। उन्हें अपने हाथों से या चम्मच से खाने की छूट दी गई। नतीजों में पता चला कि हाथ से खाने वाले और डाइट पर नियंत्रण रखने वाले लोगों ने चम्मच से खाने वालों की तुलना में ज्यादा टुकड़े खाए। वहीं, डाइट पर नियंत्रण नहीं रख सकने वालों ने चम्मच से चीज के औसतन छह टुकड़े खाए, लेकिन हाथ से चार टुकड़े ही खा पाए।

जर्नल ऑफ रिटेलिंग में प्रकाशित शोध के नतीजों में मुख्य शोधकर्ता एड्रियाना मझारोव ने बताया कि हाथ से या चम्मच से खाने वाले लोगों के बीच फर्क बेहद महीन है लेकिन खाने की चीजों के प्रति लोगों के रवैये में आने वाले बदलाव को बताता है। उन्होंने कहा कि अपनी डाइट को नियमित रूप से नियंत्रित रखने वाले लोगों को अपने हाथों से खाना ज्यादा स्वादिष्ट और संतुष्टिदायक लगता है। 


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