Greenpeace Report On Military Expenses, Cost Fighter Aircraft Is Equivalent To 3244 Icu Beds In Coronavirus Pandemic – एक एफ-35 लड़ाकू विमान की कीमत में खरीदे जा सकते हैं 3244 आईसीयू के बिस्तर

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एफ-35 विमान (फाइल फोटो)
– फोटो : Lockheed Martin.com

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वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बावजूद दुनियाभर में हथियारों पर किया जा रहा खर्च बढ़ता ही जा रहा है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (एसआईपीआरआई) द्वारा जारी किए गए नवीनतम आंकड़े बताते हैं कि 2019 में सरकारों द्वारा विश्वव्यापी रूप से युद्ध की तैयारी के लिए 1.9 ट्रिलियन डॉलर खर्च किए गए थे, जिसमें एक साल पहले की तुलना में 3.6% की वृद्धि दर्ज की गई।

विश्व के लगभग हर देश का रक्षा बजट बढ़ता ही जा रहा है, फिर चाहे वो अमेरिका हो या जर्मनी। अमेरिका का रक्षा बजट 5.3% तक बढ़ा है, तो जर्मनी ने भी अपने रक्षा बजट में 10% की बढ़ोतरी की। लेकिन अगर इसी भारी भरकम रक्षा बजट का थोड़ा सा हिस्सा स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च किया जाए, तो बड़े स्तर पर हालात सुधर सकते हैं। 

उदाहरण के तौर पर एक फाइटर जेट की कीमत में 3244 आईसीयू बेड लगाए जा सकते हैं। एक टैंक के बदले 440 वेंटिलेटर लगाए जा सकते हैं। यह तुलना ग्रीनपीस की ताजा रिपोर्ट में की गई है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले कुछ महीनों ने हमें यह सिखाया है कि सुरक्षा सैन्य शक्ति के बल पर हासिल नहीं की जा सकती है। कोविड-19 महामारी की वजह से दुनियाभर में अरबों लोग लॉकडाउन के कारण घरों में कैद हैं। हम खौफनाक तरीके से देख रहे हैं कि दुनियाभर में स्वास्थ्य प्रणालियां अपनी क्षमता तक पहुंच रही हैं या इससे आगे जा रही हैं। इससे फ्रंट-लाइन में खड़े होकर कोरोना से लड़ रहे कर्मचारियों पर बेहद दबाव हैं। 

पूरे इतिहास में, सुरक्षा को सैन्य ताकत के साथ तोला गया है, जिससे हमें विश्वास हो सके कि इस तरह के बड़े सैन्य खर्च हमारी भलाई के लिए आवश्यक हैं। यह एक खतरनाक झूठ है, जिसका हथियार उद्योगों और सरकारों द्वारा गैर-जरूरी खर्चों को सही साबित करने के लिए प्रचार किया जाता रहा है। इस तरह यह जरूरी हो जाता है कि रक्षा खर्च में मामूली कटौती कर कैसे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सकता है।  
 

हथियार   कीमत (रुपये में)  क्या चीजें की जा सकती हैं
एफ-35 जेट  670 करोड़ 3244 आईसीयू बेड
पनडुब्बी 21000 करोड़ 9180 एम्बुलेंस
मल्टीपर्पज जहाज 6500 करोड़ 10662 डॉक्टरों की साल भर की तनख्वाह
लेपर्ड युद्धक टैंक 77 करोड़ 440 वेंटिलेटर
ट्राइडेंट मिसाइल 228 करोड़ 1.7 करोड़ मास्क
लेपर्ड टैंक की एक गोला 2.4 लाख 90 कोविड-19 टेस्ट

रक्षा क्षेत्र में खर्च करने वाले शीर्ष पांच देश

अमेरिका 55.6 लाख करोड़ रुपये
चीन 19.8 लाख करोड़ रुपये
भारत 5.4 लाख करोड़ रुपये
रूस 4.9 लाख करोड़ रुपये
सऊदी अरब 4.7 लाख करोड़ रुपये
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बावजूद दुनियाभर में हथियारों पर किया जा रहा खर्च बढ़ता ही जा रहा है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (एसआईपीआरआई) द्वारा जारी किए गए नवीनतम आंकड़े बताते हैं कि 2019 में सरकारों द्वारा विश्वव्यापी रूप से युद्ध की तैयारी के लिए 1.9 ट्रिलियन डॉलर खर्च किए गए थे, जिसमें एक साल पहले की तुलना में 3.6% की वृद्धि दर्ज की गई।

विश्व के लगभग हर देश का रक्षा बजट बढ़ता ही जा रहा है, फिर चाहे वो अमेरिका हो या जर्मनी। अमेरिका का रक्षा बजट 5.3% तक बढ़ा है, तो जर्मनी ने भी अपने रक्षा बजट में 10% की बढ़ोतरी की। लेकिन अगर इसी भारी भरकम रक्षा बजट का थोड़ा सा हिस्सा स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च किया जाए, तो बड़े स्तर पर हालात सुधर सकते हैं। 
उदाहरण के तौर पर एक फाइटर जेट की कीमत में 3244 आईसीयू बेड लगाए जा सकते हैं। एक टैंक के बदले 440 वेंटिलेटर लगाए जा सकते हैं। यह तुलना ग्रीनपीस की ताजा रिपोर्ट में की गई है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले कुछ महीनों ने हमें यह सिखाया है कि सुरक्षा सैन्य शक्ति के बल पर हासिल नहीं की जा सकती है। कोविड-19 महामारी की वजह से दुनियाभर में अरबों लोग लॉकडाउन के कारण घरों में कैद हैं। हम खौफनाक तरीके से देख रहे हैं कि दुनियाभर में स्वास्थ्य प्रणालियां अपनी क्षमता तक पहुंच रही हैं या इससे आगे जा रही हैं। इससे फ्रंट-लाइन में खड़े होकर कोरोना से लड़ रहे कर्मचारियों पर बेहद दबाव हैं। 

पूरे इतिहास में, सुरक्षा को सैन्य ताकत के साथ तोला गया है, जिससे हमें विश्वास हो सके कि इस तरह के बड़े सैन्य खर्च हमारी भलाई के लिए आवश्यक हैं। यह एक खतरनाक झूठ है, जिसका हथियार उद्योगों और सरकारों द्वारा गैर-जरूरी खर्चों को सही साबित करने के लिए प्रचार किया जाता रहा है। इस तरह यह जरूरी हो जाता है कि रक्षा खर्च में मामूली कटौती कर कैसे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सकता है।  
 

हथियार   कीमत (रुपये में)  क्या चीजें की जा सकती हैं
एफ-35 जेट  670 करोड़ 3244 आईसीयू बेड
पनडुब्बी 21000 करोड़ 9180 एम्बुलेंस
मल्टीपर्पज जहाज 6500 करोड़ 10662 डॉक्टरों की साल भर की तनख्वाह
लेपर्ड युद्धक टैंक 77 करोड़ 440 वेंटिलेटर
ट्राइडेंट मिसाइल 228 करोड़ 1.7 करोड़ मास्क
लेपर्ड टैंक की एक गोला 2.4 लाख 90 कोविड-19 टेस्ट

रक्षा क्षेत्र में खर्च करने वाले शीर्ष पांच देश

अमेरिका 55.6 लाख करोड़ रुपये
चीन 19.8 लाख करोड़ रुपये
भारत 5.4 लाख करोड़ रुपये
रूस 4.9 लाख करोड़ रुपये
सऊदी अरब 4.7 लाख करोड़ रुपये

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