health benefits of chewing paan and kattha

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खाना खाने के बाद पान खाना किसे नहीं पसंद भला? मीठा पान भोजन का लुत्फ और बढ़ा देता है। पान स्वाद ही नहीं, सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। www.myupchar.com से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्त शुक्ला के अनुसार, पान के पत्ते में बेमिसाल औषधीय गुण होते हैं। यदि पान का कोरा पत्ता भी खाया जाए तो सेहत को बहुत फायदा होता है। इसमें प्रोटीन और विटामिन होते हैं। वहीं पान के साथ कत्था भी खाया जाता है। इसके अपने अलग फायदे हैं। 

पान पाचन क्रिया को आसान बनाता है। इसके सेवन से सैलिवरी ग्लैंड सक्रिय होता है जिससे लार निकलती है। यही लार जब भोजन में मिलती है तो खाना आसानी से टुकड़ों में टुटता है और पचता है। जिन लोगों को कब्ज या गैस की समस्या रहती है तो भोजन को बाद पान की पत्ती चबाना शुरू करें। फायदा होगा। पान के सेवन का दूसरा बड़ा फायदा यह है कि यह मुंह के बैक्टीरिया खत्म करता है। सादा पान खाया जाए तो मुंह की बदबू दूर होती है। पान के साथ इस्तेमाल होने वाली चीजें जैसे लौंग, इलायची, कत्था मुंह को फ्रेश रखती हैं। जो लोग नियमित रूप से पान का सेवन करते हैं, उन्हें मसूड़ों का दर्द महसूस नहीं होता। 

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बहुत कम लोग जानते हैं कि पान का पत्ता सर्दी दूर करने में भी फायदेमंद होता है। पान को शहद से साथ खाया जाए तो सर्जी जुकाम में आराम मिलता है। इसमें एनालजेसिक होता है जो सिर दर्द दूर करने में काम आता है।

डॉ. लक्ष्मीदत्त शुक्ला बताते हैं कि पान भूख बढ़ाने का काम करता है। डायबिटीज के मरीजों को इससे लाभ होता है। इन मरीजों को मीठा पान खाने के बजाए कोरा पत्ता खाना चाहिए। जिन लोगों को पेशाब में रुकावट है, उनके लिए पान का पत्ता रामबाण इलाज हो सकता है। पान की पत्तियों को पीस कर रस निकाल लें और उसमें दूध मिलाकर सेवन करें। फायदा होगा।

कत्था भी है बड़े काम का 
www.myupchar.com  से जुड़ीं डॉ. मेधावी अग्रवाल के अनुसार, पान पर लगाया जाने वाला कत्था खैर की पेड़ की लकड़ी से निकलता है। खैर के पेड़ की टहनी, छाल और लकड़ी में औषधीय गुण होते हैं। कत्थे में एंटीफंगल गुण होते हैं। यानी यह फंगल संक्रमण रोकता है। इसके सेवन से त्वचा संबंधी बीमारियां नहीं होती हैं। जो लोग कत्था लगा पान खाते हैं, उनके दांत खराब नहीं होते और मसूड़े भी मजबूत बने रहते  हैं। 

कत्थे का एक और बड़ा फायदा यह है कि इसे शहद के साथ मिलाकर खाया जाए तो दस्त रोकने में फायदा होता है। पाचन तंत्र मजबूत होता है। यह खून साफ करता है। लेकिन कत्थे का ज्यादा उपयोग नुकसान भी करता है। इसे ज्यादा खाया जाए तो पथरी हो सकती है। ध्यान रखने वाली एक और बात यह है कि लाल कत्था पान के साथ खाया जाता है, वहीं सफेद कत्थे को औषधी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन ऐसा करने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेदाचार्य की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

पान का कोरा पत्ता जितना फायदेमंद है, बाकी चीजें मिलाकर इसका स्वाद तो बढ़ाया जा सकता है, लेकिन गुण खत्म हो जाते है। जो लोग तंबाकू के साथ पान खाते हैं, वे इसके सभी गुणों को खत्म कर देते हैं। 

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स्वास्थ्य आलेख www.myUpchar.com द्वारा लिखे गए हैं


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