HEALTH TIPS : Know About Test Report And Lab Essential Information – HEALTH TIPS : बीमारियों संबंधी टेस्ट कराने जा रहे हैं तो जान लें ये बातें

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बीमारियों की पहचान के लिए टेस्ट किए जाते हैं। टेस्ट की रिपोर्ट के बाद बीमारियों के इलाज की दिशा तय की जाती है। इसके अलावा यदि आप बीमारी नहीं है तो भी 35 से 40 की उम्र के बाद शरीर में बदलाव शुरू होते हैं, इसलिए उन बदलावों को जानने के लिए कुछ टेस्ट कराना जरूरी होता है।

जिनके परिवार में कोई बीमारी है वे विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। इसके अलावा ऐसे लोग जिनके परिवार में आनुवांशिक बीमारियां है उन्हें उससे संबंधित जांचें करवानी जरूरी होती हैं। इसके अलावा विटमिन बी 12, डी सहित कुछ जांचें करानी जरूरी होती हैं। समय से पहले बीमारी की पहचान से इलाज आसान हो जाता है। इसके अलावा साल में एक बार या चिकित्सक की सलाह से जांचें करानी होती हैं।
जांच से पहले बरतें ये सावधानियां
जहां आप टेस्ट कराने जा रहे हैं वहां टेस्ट की रिपोर्ट लैबोरेटरी क्वालिटी पैरामीटर अनुसार तैयार होनी चाहिए। जांच के दौरान सभी स्टैंडर्ड पैरामीटर का पालन होना चाहिए। जांच कराने से पहले देख लें कि लैब एनएबीएल प्रमाणित है या नहीं। एनएबीएल लैब के पैरामीटर की जांच कर प्रमाण पत्र देती है। रिपोर्ट पर संदेह हो तो पहले लैब के डॉक्टर से बातचीत करें। चिकित्सक की परामर्श से दूसरी लैब से दोबारा जांच कराएं।

घर पर जांच कराएं तो ये बातें ध्यान दें
सैम्पल कलेक्शन से लेकर जांच तक पैरामीटर जरूरी होता है। घर पर आया सैम्पल कलेक्शन वाला व्यक्ति ट्रेंड होना चाहिए। टेस्ट के लिए स्लिप भरने के बाद आप खुद उसकी जांच करें। लैब तक सैम्पल कितनी देर में पहुंचेगा, इसकी जानकारी करें। इसके साथ ही, कोल्ड चेन मेंटेन करने के बारे में जानकारी कर लें।
समय से जांच कराने के फायदे
35 से 40 की उम्र के बाद बायलॉजिकल केमिस्ट्री के लिए जांचें करानी चाहिए। डायबिटीज, ब्लडप्रेशर, थायरॉइड सहित कुछ जांचें करानी चाहिए। समय पर जांच से बीमारियों की पहचान अर्ली स्टेज में होती है। इससे इलाज के दौरान जल्दी रिकवरी होती व पैसा भी बचता है। देर से बीमारी की पहचान होने के बाद इलाज मुश्किल होता है।
एक्सपर्ट : डॉ. बी. लाल गुप्ता, माइक्रोबायोलॉजिस्ट








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