Hot Weather Is Not Affecting Coronavirus Spread – गर्मी भी कोरोना का रास्ता नहीं रोक सकी, दोगुने हुए कई देशों में संक्रमण के मामले

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रियो। अभी तक यह माना जा रह था कि गर्मी के साथ कोरोना वायरस के मामलों में बहुत तेजी से कमी आएगी। मगर यह थ्योरी गलत साबित होती दिखाई दे रही है। बीते 12 दिनों के आंकड़े देखें तो संक्रमण ने गर्म देशों में कहर मचा रखा है। यहां पर लगातार कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं। यूरोपीय देशों में जहां ठंड है वहां इस वायरस को फैलने में 90 दिन लग गए, वहीं गर्म देश जैसे भारत (India), ब्राजील (Brazil) और मिडिल ईस्ट (Middle East) के देशों में ये दोगुनी गति से फैल रहे हैं।

भारत के साथ पूरे दक्षिण पूर्व एशिया में गर्मी की शुरुआत हो चुकी है। इसके अलावा अफ्रीका, साउथ अमरीका और लैटिन अमरीका में भी गर्मी आ चुकी है। सभी देशों में औसतन तापमान 20 से लेकर 40 डिग्री तक पहुंच चुका है। भारत में ही तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। इस समय यहां औसतन 20 से लेकर 40 डिग्री तापमान पहुंच चुका है। ब्राजील का तापमान 26 डिग्री तक पहुंच चुका है, इसके बाद में भी यहां पर 16 हजार मामले नए आए हैं।

ब्राजील में 1800 नए मामले

बीते 15 दिनों से 26 डिग्री एवरेज तापमान होने के बावजूद भी ब्राजील में न सिर्फ कोरोना के मामले बढ़कर 25,262 हो गए हैं बल्कि इस संक्रमण से 1832 लोगों की मौत भी हो चुकी है। ब्राजील में 1800 से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं। इसी तरह इक्वाडोर की बात करें तो इस छोटे से देश में कोरना संक्रमण काफी तेजी से बढ़ा है।

इजरायल और तुर्की में मामले बढ़े

मिडिल ईस्ट में इजरायल, तुर्की, सऊदी अरब और UAE में तापमान 40 डिग्री तक भी पहुंच चुका है। इजरायल में ही अब तक कोरोना संक्रमण के 12,046 मामले हैं जबकि 450 से ज्यादा मौतें हों चुकी हैं। दक्षिण एशियाई देश इंडोनेशिया, भारत और बांग्लादेश में लगभग दोगुनी गति से मामले बढ़े हैं।

WHO ने पहले ही किया था इनकार

चीन और अमेरिका के कई वैज्ञानिकों ने इस बात का दावा किया था कि Covid19 गर्मियों में उतना खतरनाक नहीं रह जाएगा। इटली, स्पेन और अमरीका में इसके कहर की वजह वहां का ठंडा मौसम बताई जा रही थी। मगर उस दौरान भी ईरान और साउथ कोरिया जैसे देशों में औसतन तापमान काफी अधिक था। चीन की बेइहांग और तसिंगहुआ यूनिवर्सिटी ने भी अपने शोध में कहा था कि गर्मी में कोरोना का ट्रांसमिशन कम हो जाएगा। हालांकि WHO ने 5 अप्रैल को ही इस बात की पुष्टि कर दी थी कि गर्मी के मौसम में कोरोना के खत्म होने की संभावना कम ही है।


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