How Effective Is The SIP Insurance Scheme For You In Corona Time? – कोरोना टाइम में आपके लिए कितनी कारगर है SIP Insurance Scheme?

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– Equity Market के साथ Mutual Fund SIP में भी हो रहा है नुकसान
– कुछ दिन पहले RBI ने Mutual Fund को दिए 50 हजार करोड़ रुपए
– कुछ ब्रोकरेज फंड की ओर से दी जा रही है SIP Insurance Scheme

नई दिल्ली। पूरी दुनिया कोरोना वायरस ( Coronavirus ) की चपेट में है। जिसकी वजह से भारत और पूरी दुनिया में लॉकडाउन की स्थिति बनी हुई है। जिसका देश और दुनिया के शेयर बाजार ( Equity Market ) में देखने को मिला है। सिर्फ इक्विटी ही नहीं म्यूचुअल फंड एसआईपी ( Mutual Fund SIP ) में भी बिकवाली देखने को मिल रही है। जिसको देखते हुए कुछ दिन पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ( reserve bank of india ) की ओर से 50 हजार करोड़ रुपए का पैकेज भी दिया है। अब सवाल ये है क्या म्यूचुअल फंड एसआईपी में आपका निवेश इंश्योर्ड हो सकता है? क्या ऐसी कोई योजना मार्केट में है? जी हां है। कुछ ब्रोकरेज हाउस की ओर से एसआईपी इंश्योरेंस स्कीम ( SIP Insurance Scheme ) शुरू की हुई है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर क्या है पूरी स्कीम और किस तरह से इसका लाभ लिया जा सकता है?

आखिर तरह का है एसआईपी इंश्योरेंस ऑफर?
एसआईपी इंश्योरेंस ऑफर कुछ फंड हाउस द्वारा चुनिंदा फंडों पर उपलब्ध कराया जा रहा है जोकि है वैकल्पिक है। इस सुविधा के लिए निवेशकों को किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है। इसके लिए संबंधित फंड हाउस ही निवेशकों की ओर से प्रीमियम का भुगतान करते हैं। निवेशकों को मेडिकल टेस्ट देने की भी कोई आवश्यकता नहीं है। इस योजना के लिए न्यूनतम योग्यता ये है कि निवेशक को तीन साल या उससे अधिक समय के लिए चयनित फंड में एसआईपी के माध्यम से निवेश करना होगा। इसके अलावा, निवेशकों को जो कवर दिया जाएगा वो सीमित है और ये सीमा फंड हाउस द्वारा ही तय किया जाएगा। निवेश करते समय निवेशक की उम्र 18- 51 वर्ष के बीच होनी चाहिए है और यह इंश्योरेंस कवर अलग-अलग फंड हाउस के आधार पर 55 वर्ष या 60 वर्ष की आयु तक मान्य होता है।

कैसे करता है काम है?
आपकी एसआईपी अवधि के शुरुआती वर्षों में, एसआईपी से जुड़ी बीमा योजना में दिया जाने वाला कवर कम होगा। आपको कितना कवर मिलेगा ये आपकी एसआईपी की किस्त राशि पर निर्भर करता है, यानी पहले वर्ष में एसआईपी कि़स्त का 10 गुना कवर मिलेगा, दूसरे वर्ष में एसआईपी कि़स्त का 50 गुना और तीसरे वर्ष में एसआईपी कि़स्त का 100 से 120 गुना कवर मिलेगा। इस तरह एसआईपी राशि जितनी ज्यादा होगी कवर भी उतना ज़्यादा होगा, लेकिन कवर अधिकतम सीमा से ज़्यादा नहीं हो सकता है, और ये सीमा अलग-अलग फंड हाउस पर निर्भर करेगी। उदाहरण के तौर पर देखें तो 45,000 रुपए की एसआईपी का कवर एक साल में 4.5 लाख रुपए, दो साल में 22.5 लाख रुपए और तीन साल में 45-50 लाख रुपए का होगा।

एसआईपी रोकने या रिडीम करने पर क्या होगा असर?
आपको तीन साल की न्यूनतम अवधि के लिए एसआईपी में निवेश करना या जारी रखना होगा, ऐसा ना करने पर आपका बीमा मान्य नहीं रहेगा। न्यूनतम एसआईपी अवधि पूरी होने से पहले या बीमा कवर में दी गई अधिकतम आयु होने के बाद अगर आप अपना कुछ या कुल निवेश निकालते हैं, इसके परिणामस्वरूप आपका बीमा बंद हो जाएगा। यदि आप अपनी एसआईपी को 3 साल की अवधि पूरा होने पर रोक देते हैं, तो इंश्योरेंस बना रहेगा, हालांकि बीमा कवर राशि एसआईपी योजना के शुरुआती वर्षों में खरीदे गए यूनिट के मूल्य या अधिकतम जीवन बीमा कवर मूल्य सीमा जितनी कम हो जाएगी। अगर आपकी मासिक एसआईपी 20,000 रुपए है और उस पर आपको 12 फीसदी का वार्षिक रिटर्न मिलता है, शुरुआती 3 वर्षों में आपकी एसआईपी का मूल्य 8.62 लाख रुपए हो गया है और बीमा कवर 20 लाख रुपए, अब यदि आप निवेश करना बंद कर देते हैं, तो आपका जीवन बीमा कवर 20 लाख रुपए से घटकर आपके एसआईपी फंड मूल्य यानी 8.62 लाख रुपए जितना हो जाएगा।

क्या एसआईपी बीमा कवर चुनना चाहिए?
पैसा बाजार इंवेस्टमेंट के डायरेक्टर एंड ग्रुप हैड साहिल अरोड़ा कहते हैं कि म्यूचुअल फंड हाउस द्वारा दिया जाने वाला इंश्योरेंस कवर अधिकतम 50 लाख रुपए का है। आर्थिक रूप से स्वतंत्र किसी भी व्यक्ति को अपनी वार्षिक आय का न्यूनतम 15 गुना जितना टर्म बीमा ज़रूर लेना चाहिए। यह एक ऐसा आश्वासन है जो आपके ना रहने पर भी आपके परिवार के आर्थिक भविष्य को सुरक्षित रखता है। इसलिए, अधिकांश निवेशकों के लिए, चुनिंदा फंड के माध्यम से पेश किया जाने वाला जीवन बीमा कवर कम हो होगा। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि फंड का चयन इसलिए ना करें क्योंकि यह इंश्योरेंस दे रहा है। कोई भी व्यक्ति जब कमाना शुरू करता है तो उसके लिए टर्म और हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदना, पहला कदम होना चाहिए।


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