Imran Khan Urged Un Secretary Antonio Guterres To Fulfil Its Commitments With The People Of Kashmir – इमरान खान ने यूएन से लगाई गुहार, कश्मीर को लेकर अपने वादे करें पूरे

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वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Updated Tue, 18 Feb 2020 09:41 AM IST

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (फाइल फोटो)
– फोटो : Facebook

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पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। उसने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के महासचिव एंतानियो गुतारेस के सामने कश्मीर राग अलापा है। गुतारेस इन दिनों पाकिस्तान के दौरे पर हैं। सोमवार को उनके साथ बैठक में इमरान ने कहा कि यूएन कश्मीर के लोगों से किए अपने वादे को पूरा करे और उन्हें आत्मनिर्णय का अधिकार दिला में मदद करे। इमरान ने भारत पर आरोप लगाया है कि पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 और 35ए को हचाने के बाद से वहां के लोगों के मानवाधिकारों का हनन हो रहा है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी किए बयान के अनुसार, ‘प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र को अवगत कराया कि कश्मीरी लोग अपने अधिकारों को हासिल करने के लिए लगातार यूएन की ओर देख रहे हैं क्योंकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कई प्रस्तावों में निहित है।’ पिछले साल पांच अगस्त को जब केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिया था तब से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ गया है।

भारत के निर्णय पर पाकिस्तान ने अपनी बौखलाहट दिखाते हुए भारत के साथ अपने राजनयिक रिश्तों को खत्म करते हुए भारतीय दूत को निष्कासित कर दिया था। वहीं भारत ने अपने कदम का बचाव करते हुए कहा था कि जम्मू-कश्मीर को मिले विशेष दर्जे ने केवल क्षेत्र में आतंकवाद और अलगाववाद को बढ़ावा दिया था। साथ ही यह साफ कर दिया था कि यह उसका आतंरिक मसला है।

भारत की नीतियों के कारण पाक नए शरणार्थी संकट का सामना कर सकता है: इमरान 

इमरान खान ने सोमवार को चेताया कि अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय भारत की मौजूदा स्थिति का संज्ञान लेने में नाकाम रहता है तो पाकिस्तान एक और शरणार्थी संकट का सामना कर सकता है। इस्लामाबाद में दो दिवसीय शरणार्थी सम्मेलन को संबोधित करते हुए खान ने कहा कि भारत की अति राष्ट्रवाद की विचारधारा बिना किसी रुकावट के चलती रही तो इससे तबाही फैल सकती है और यह क्षेत्र इसका केंद्र होगा।

शरणार्थी सम्मेलन पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों के आने के 40 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित हो रहा है। खान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बयान कि भारत 11 दिन में पाकिस्तान को तबाह कर सकता है, परमाणु हथियार से संपन्न राष्ट्र के और इतनी बड़ी आबादी वाले देश के प्रधानमंत्री की ओर से दिया गया जिम्मेदाराना बयान नहीं है। खान ने यह बयान गुतारेस की उपस्थिति में दिया। 

खान ने कहा कि हिन्दुत्व की विचारधारा की वजह से कश्मीरियों को 200 से ज्यादा दिनों से बंद किया हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी विचारधारा के तहत भारत के 20 करोड़ मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए भाजपा नीत सरकार ने दो भेदभावपूर्ण राष्ट्रवादी कानून पारित किए हैं। खान भारत के संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा रद्द करने का हवाला दे रहे थे।

पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। उसने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के महासचिव एंतानियो गुतारेस के सामने कश्मीर राग अलापा है। गुतारेस इन दिनों पाकिस्तान के दौरे पर हैं। सोमवार को उनके साथ बैठक में इमरान ने कहा कि यूएन कश्मीर के लोगों से किए अपने वादे को पूरा करे और उन्हें आत्मनिर्णय का अधिकार दिला में मदद करे। इमरान ने भारत पर आरोप लगाया है कि पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 और 35ए को हचाने के बाद से वहां के लोगों के मानवाधिकारों का हनन हो रहा है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी किए बयान के अनुसार, ‘प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र को अवगत कराया कि कश्मीरी लोग अपने अधिकारों को हासिल करने के लिए लगातार यूएन की ओर देख रहे हैं क्योंकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कई प्रस्तावों में निहित है।’ पिछले साल पांच अगस्त को जब केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिया था तब से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ गया है।

भारत के निर्णय पर पाकिस्तान ने अपनी बौखलाहट दिखाते हुए भारत के साथ अपने राजनयिक रिश्तों को खत्म करते हुए भारतीय दूत को निष्कासित कर दिया था। वहीं भारत ने अपने कदम का बचाव करते हुए कहा था कि जम्मू-कश्मीर को मिले विशेष दर्जे ने केवल क्षेत्र में आतंकवाद और अलगाववाद को बढ़ावा दिया था। साथ ही यह साफ कर दिया था कि यह उसका आतंरिक मसला है।

भारत की नीतियों के कारण पाक नए शरणार्थी संकट का सामना कर सकता है: इमरान 

इमरान खान ने सोमवार को चेताया कि अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय भारत की मौजूदा स्थिति का संज्ञान लेने में नाकाम रहता है तो पाकिस्तान एक और शरणार्थी संकट का सामना कर सकता है। इस्लामाबाद में दो दिवसीय शरणार्थी सम्मेलन को संबोधित करते हुए खान ने कहा कि भारत की अति राष्ट्रवाद की विचारधारा बिना किसी रुकावट के चलती रही तो इससे तबाही फैल सकती है और यह क्षेत्र इसका केंद्र होगा।

शरणार्थी सम्मेलन पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों के आने के 40 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित हो रहा है। खान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बयान कि भारत 11 दिन में पाकिस्तान को तबाह कर सकता है, परमाणु हथियार से संपन्न राष्ट्र के और इतनी बड़ी आबादी वाले देश के प्रधानमंत्री की ओर से दिया गया जिम्मेदाराना बयान नहीं है। खान ने यह बयान गुतारेस की उपस्थिति में दिया। 

खान ने कहा कि हिन्दुत्व की विचारधारा की वजह से कश्मीरियों को 200 से ज्यादा दिनों से बंद किया हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी विचारधारा के तहत भारत के 20 करोड़ मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए भाजपा नीत सरकार ने दो भेदभावपूर्ण राष्ट्रवादी कानून पारित किए हैं। खान भारत के संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा रद्द करने का हवाला दे रहे थे।


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