India Us Trade Moving Forward On Us Side, Both Countries Will Be Benefited – अमेरिकी पक्ष में आगे बढ़ रहा भारत-यूएस के बीच व्यापार, दोनों देशों को होगा लाभ: मुकेश अघी

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यूएसआईएसपीएफ के अध्यक्ष मुकेश अघी
– फोटो : ट्विटर

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भारत-अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार की गति नई दिल्ली द्वारा ऊर्जा आयात में अचानक बढ़ोतरी के चलते वाशिंगटन के पक्ष में लगातार आगे बढ़ रही है। अमेरिका स्थित एक शीर्ष भारत केंद्रित अमेरिकी व्यापार और रणनीतिक वकालत समूह के प्रमुख की जानकारी के मुताबिक भारत अमेरिकी व्यापार 2018 में 142 अरब डॉलर के मुकाबले 2019 में 160 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है।

भारत-अमेरिकी रणनीति एवं साझेदारी फोरम (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष मुकेश अघी ने कहा कि यदि आप भारत का तीन साल पहले का ऊर्जा आयात देखें तो यह लगभग शून्य था। यह पिछले वित्तीय वर्ष में छह अरब अमेरिकी डॉलर के पार पहुंच गया और मौजूदा वित्तीय वर्ष में हम इसके 10 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद करते हैं। यानी गति अमेरिका के पक्ष में बढ़ रही है। इसका लाभ दोनों देशों को होना तय है।

उन्होंने कहा कि बिना ट्रेड समझौते के द्विपक्षीय व्यापार संख्या बढ़ रही है और वह भी तब जबकि बोइंग के विमान डिलीवर नहीं किए गए थे। भारत के निजी स्पाइस जेट ने बोइंग को 200 विमानों का ऑर्डर दिया है। इनकी डिलीवरी होते ही व्यापार और बढ़ जाएगा। अघी ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत से जीएसपी विशेषाधिकारों का दर्जा वापस लेने के बाद भी इस क्षेत्र में निर्यात धीमा होने के बजाया पांच फीसदी बढ़ा ही है।

मतभेदों का हल खोज लेंगे

यूएसआईएसपीएफ के अध्यक्ष मुकेश अघी ने कहा कि जीएसपी को लेकर दोनों देशों के बीच कुछ मतभेद हैं लेकिन इनका समाधान हम खोज लेंगे। अमेरिका से ऊर्जा क्षेत्र में भारत को गैस, एलएनजी और उच्च गुणवत्ता वाला कोयला निर्यात किया जा रहा है। हम वैज्ञानिक उत्पाद, ऊर्जा, विमान और रक्षा विकास को बढ़ावा देते रहेंगे। जबकि भारत द्वारा जेवरात, चमड़े, कपड़े और आईटी सेवाओं में योगदान दिया जा रहा है।

भारत-अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार की गति नई दिल्ली द्वारा ऊर्जा आयात में अचानक बढ़ोतरी के चलते वाशिंगटन के पक्ष में लगातार आगे बढ़ रही है। अमेरिका स्थित एक शीर्ष भारत केंद्रित अमेरिकी व्यापार और रणनीतिक वकालत समूह के प्रमुख की जानकारी के मुताबिक भारत अमेरिकी व्यापार 2018 में 142 अरब डॉलर के मुकाबले 2019 में 160 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है।

भारत-अमेरिकी रणनीति एवं साझेदारी फोरम (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष मुकेश अघी ने कहा कि यदि आप भारत का तीन साल पहले का ऊर्जा आयात देखें तो यह लगभग शून्य था। यह पिछले वित्तीय वर्ष में छह अरब अमेरिकी डॉलर के पार पहुंच गया और मौजूदा वित्तीय वर्ष में हम इसके 10 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद करते हैं। यानी गति अमेरिका के पक्ष में बढ़ रही है। इसका लाभ दोनों देशों को होना तय है।

उन्होंने कहा कि बिना ट्रेड समझौते के द्विपक्षीय व्यापार संख्या बढ़ रही है और वह भी तब जबकि बोइंग के विमान डिलीवर नहीं किए गए थे। भारत के निजी स्पाइस जेट ने बोइंग को 200 विमानों का ऑर्डर दिया है। इनकी डिलीवरी होते ही व्यापार और बढ़ जाएगा। अघी ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत से जीएसपी विशेषाधिकारों का दर्जा वापस लेने के बाद भी इस क्षेत्र में निर्यात धीमा होने के बजाया पांच फीसदी बढ़ा ही है।

मतभेदों का हल खोज लेंगे

यूएसआईएसपीएफ के अध्यक्ष मुकेश अघी ने कहा कि जीएसपी को लेकर दोनों देशों के बीच कुछ मतभेद हैं लेकिन इनका समाधान हम खोज लेंगे। अमेरिका से ऊर्जा क्षेत्र में भारत को गैस, एलएनजी और उच्च गुणवत्ता वाला कोयला निर्यात किया जा रहा है। हम वैज्ञानिक उत्पाद, ऊर्जा, विमान और रक्षा विकास को बढ़ावा देते रहेंगे। जबकि भारत द्वारा जेवरात, चमड़े, कपड़े और आईटी सेवाओं में योगदान दिया जा रहा है।


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