Indian Women’s Team Played 6 T20 World Cups Waiting For 1st Title – छह टी-20 विश्व कप खेल चुकी भारतीय महिला टीम को है पहले खिताब का इंतजार, जानें कैसा रहा है प्रदर्शन

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Indian Women Team हर बार खिताब के दावेदार के तौर पर महिला टी-20 विश्व कप में उतरती है। छह में से तीन बार उसने सेमीफाइनल तक का सफर किया है।

नई दिल्ली : ऑस्ट्रेलिया में शुक्रवार 21 फरवरी से शुरू हो रहे आइसीसी महिला टी-20 विश्व कप (ICC Women T20 World Cup) शुरू हो रहा है। यह विश्व कप का सातवां संस्करण हैं। इसके पहले हुए सभी छह विश्व कप में भारतीय महिला टीम (Indian Women Team) ने इसमें भाग लिया है और हर बार वह विश्व कप की दावेदार के रूप में उतरी है। लेकिन उसे अभी तक एक बार भी कामयाबी हाथ नहीं लगी है। भारतीय टीम तीन बार महिला विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंची है, लेकिन वह अंतिम चार की बाधा से पार नहीं पाई है। आइए जानते हैं कैसा रहा है अब तक भारत के विश्व कप का सफर।

तीन बार बनाया सेमीफाइनल में जगह, इंग्लैंड विजेता

पहला महिला टी-20 विश्व कप 2009 में इंग्लैंड में खेला गया था। पहले ही विश्व कप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अंतिम चार में जगह बनाई। सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला न्यूजीलैंड से हुआ और उसने यहीं से टीम इंडिया को बाहर कर दिया। उसने भारत को 52 रन से मात दी। हालांकि फाइनल में मेजबान टीम इंग्लैंड ने उसका भी रास्ता रोक दिया और खिताब पर कब्जा जमाया।

दूसरी बार भी अंतिम चार में हारा, ऑस्ट्रेलिया ने जीता खिताब

दूसरा विश्व कप अगले ही साल 2010 में विंडीज में खेला गया। इस बार भी टीम इंडिया ने अंतिम चार तक का सफर किया। जहां उसे कंगारु टीम ने सात विकेट से हराकर न सिर्फ फाइनल में जगह बनाई, बल्कि लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंची कीवी टीम को हराकर खिताब पर कब्जा भी जमाया।

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2012 में ग्रुप चरण के सारे मैच हारी, ऑस्ट्रेलिया फिर चैम्पियन

2010 के बाद तीसरा टी-20 विश्व कप 2012 में खेला गया। इस टूर्नामेंट में तो भारतीय महिला क्रिकेट टीम का हाल बेहद बुरा रहा। वह अपने ग्रुप चरण के सारे मैच हार गई। श्रीलंका में खेले गए आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप 2012 के फाइनल में इस बार ऑस्ट्रेलिया के सामने इंग्लैंड की टीम थी। ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड की चुनौती ध्वस्त कर लगातार दूसरी बार खिताब पर कब्जा जमाया।

2014 में भी ग्रुप चरण से बाहर, ऑस्ट्रेलिया की हैट्रिक

2014 में एक बार फिर दावेदार के रूप में आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप में भारतीय टीम गई, लेकिन इस साल भी उसे ग्रुप चरण में ही बाहर होना पड़ा। इस बार भारत का प्रदर्शन उतना बुरा नहीं था, लेकिन नेट रन रेट में पिछड़कर बाहर हो गई। भारत ने ग्रुप चरण के अपने चार में से दो मुकाबले जीते थे। फाइनल में एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टक्कर हुई। बांग्लादेश में हुए इस विश्व कप में एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को मात देकर लगातार तीसरी बार विश्व कप पर कब्जा जमाकर अपनी खिताबी हैट्रिक पूरी की।

अपने देश में सिर्फ एक ही मैच जीत पाया भारत, मिला नया चैम्पियन

2016 में महिला टी-20 विश्व कप का आयोजन भारत में हुआ। सभी को बहुत उम्मीद थी कि अपने देश में भारतीय महिला क्रिकेट टीम जरूर पहली बार खिताब पर कब्जा जमाएगी। लेकिन महिला टीम अपने देश में भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई और लगातार तीसरे विश्व कप में ग्रुप चरण से बाहर हो गई। इसमें भारतीय टीम ग्रुप चरण के चार में से तीन मुकाबले हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई। इस बार फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की टीम लगातार पांचवीं बार फाइनल में थी तो विंडीज की महिला टीम पहली बार खिताबी भिड़ंत में पहुंची थी। विंडीज ने पहली बार में ही ऑस्ट्रेलिया को चौंकाकर खिताब पर कब्जा जमाया।

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2018 में भी वही कहानी, अंतिम चार में भारत हारा, ऑस्ट्रेलिया बना चैम्पियन

2018 विश्व कप में भारतीय टीम ने ग्रुप चरण में बेहद शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन सेमीफाइनल की बाधा से वह एक बार फिर नहीं उबर पाई। विंडीज में खेले गए इस विश्व कप में इंग्लैंड की टीम ने अंतिम चार में भारत को हराकर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में फिर एक बार परंपरागत प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड आमने-सामने थे और जीत एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया के हाथों लगी। ऑस्ट्रेलिया ने यह खिताब चौथी बार जीता।

इस बार भारतीय टीम है फॉर्म में

इस बार महिला टी20 विश्व कप ऑस्ट्रेलिया में खेला जा रहा है। भारतीय टीम में कई प्रतिभाशाली नई खिलाड़ी हैं। टीम इंडिया का औसत आयु मात्र 23 साल है तो कप्तानी स्टार बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर के हाथों में हैं। इस टीम में कई ऐसी खिलाड़ी हैं, जो अपने दम पर मैच जिताने की क्षमता रखती हैं। इस वजह से भारतीय प्रशंसकों को यह उम्मीद है कि इस बार अंतिम चार की बाधा पार कर भारत खिताब जीतेगा।








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