Irfan Pathan Appeals Pay Widows And Poor Loans In Ramadan – इरफान पठान की अपील, रमजान में विधवाओं और गरीबों का कर्ज अदा करें

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Irfan Pathan ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि रमजान में वह अपने पड़ोस में जाएं और गरीब तथा विधवाओं का कर्ज अदा करें।

नई दिल्ली : टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान (Irfan Pathan) और उनके भाई यूसुफ पठान (Yusuf Pathan) सामाजिक कार्यों में हमेशा आगे रहते हैं। हाल में कोविड-19 (Covid-19) महामारी में उन्होंने 4000 मास्क दान किए थे। इसके अलावा वह कोरोना वायरस को लेकर लोगों को जागरूक भी करते रहे हैं। उन्होंने सभी से घर में ही रहने की अपील की थी। इसके अलावा मुस्लिम समुदाय से घर पर ही नमाज पढ़ने की अपील की थी। बता दें कि बाढ़ राहत कार्य में भी इन्होंने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। अब इरफान पठान ने लोगों से एक बार फिर मार्मिक अपील की है।

बता दें कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद इरफान पठान अब कोच की भूमिका निभा रहे हैं।

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गरीबों और विधवाओं की करें मदद

इरफान पठान ने ट्वीट कर लोगों से अपील की कि वह रमजान के पवित्र महीने में गरीबों और विधवाओं की मदद करें। वह उनका कर्ज अदा कर सकते हैं। उन्होंने लिखा कि रमजान के लिए शानदार विचार। वह पड़ोसियों के पास जाएं और उनसे उनके कर्ज के बारे में पूछें। आप उन गरीब और विधवाओं के बारे में पता करें और उसे अदा कर दें। पूरा नहीं अदा कर सकते हैं तो जितना संभव हो उतना ही करें। अगर आप कर्ज अदा नहीं करने में सक्षम है तो शेयर करें। संभव है दूसरे लोग इससे आइडिया पाकर यह काम करें।

इस्लाम में रमजान बहुत पाक महीना माना जाता है। इस पूरे एक माह तक मुस्लिम उपवास रखते हैं। रमजान 23 या 24 अप्रैल से शुरू होकर एक महीने तक चलेगा।

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धर्म को धंधा बनाने वालों की आलोचना भी की थी

इरफान पठान ने 2007 के टी-20 विश्व कप फाइनल में तीन विकेट लिए थे और वह प्लेयर ऑफ द फाइनल रहे थे। पठान ने हाल ही में धर्म को धंधा बनाने वालों की आलोचना की थी। उन्होंने गुरुवार को इंस्टाग्राम पर कहा था कि जब से दुनिया बनी है, तब से धर्म के नाम पर धंधा चल रहा है। अफसोस की बात यह है कि अब तो समझदार भी अंधे हो रहे हैं। इसके आगे हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कुछ ही लोगों ने धर्म को धंधा बनाया है। अब तो ये धंधा भी गंदा हो रहा है। लड़ोगे तुम, फायदा उठाएगा कोई और। सुधर जाओ इंसानो। अब तो वक्त तुम्हारे पास कम हो रहा है।


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