know why Tetanus can be dangerous how to avoid it

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सड़क पर गिरने या लोहे से लगने वाली चोट कई बार संक्रमण का कारण बन जाती हैं। टेटनेस भी ऐसे ही संक्रमणों में से एक है, जो बैक्टीरिया की वजह से होता है। क्या है यह बीमारी और कैसे करें इससे बचाव, विशेषज्ञ से बातचीत कर जानकारी दे रही हैं निधि गोयल

Tetanus एक गंभीर जीवाणु रोग है, जो आपके तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। इससे मांसपेशियों में संकुचन होता है, विशेष रूप से जबड़े और गर्दन की मांसपेशियों में। टेटनस सांस लेने की क्षमता में भी हस्तक्षेप कर सकता है और व्यक्ति के जीवन को खतरे में डाल सकता है। टेटनस के लक्षणों में मांसपेशियों में अकड़न, सिरदर्द, निगलने में परेशानी, चेहरे की मांसपेशियों में ऐंठन, उच्च रक्तचाप समेत अन्य लक्षण शामिल हो सकते हैं।

सावधान! जानलेवा हो सकता है टिटनेस

टेटनेस के प्रकार
स्थानीय टेटनेस : यह टेटनेस का साधारण प्रकार नहीं है। इसमें जब व्यक्ति को चोट लगती है या घाव होता है, तो वहां लगातार ऐंठन होती है़, जिसे ठीक होने में कई हफ्ते लग जाते हैं।

कैफेलिक टेटनेस : जब रोगी के सिर में चोट लगती है और उस वजह से कान में संक्रमण होता है, तो कैफेलिक टेटनेस की आशंका होती है।
सार्वदैहिक टेटनेस : ज्यादातर यानी 80 प्रतिशत लोगों में यही टेटनेस होता है। इसमें रोगी को सिर से लेकर पैर तक जकड़न महसूस होती है। इसकी शुरुआत सिर से होती है, इसलिए सबसे पहले जबड़े बंद हो जाते हैं और उसके बाद बुखार, पसीना, हाई बीपी की समस्या सामने आती है। धीरे-धीरे दिल की धड़कन बंद होने लगती है।

कारण को जानें
टेटनेस क्लोस्ट्रीडियम टेटानी जीवाणु के कारण होता है। ये शरीर के बाहर रह सकते हैं और वातावरण में दूर-दूर तक फैलते हैं। ये सामान्यतया घोड़े व गाय जैसे जानवरों के गोबर एवं दूषित मिट्टी में पाए जाते हैं। इनके शरीर में प्रवेश करने के बाद टेटनेस बैक्टीरिया जल्दी से दोगुने हो जाते हैं तथा टेटानोस्पैसमिन पैदा करते हैं। इस प्रकार के जहर को न्यूरोटॉक्सिन के नाम से जाना जाता है, जो जल्दी ही पूरे शरीर में फैल जाता है और फिर टेटनेस के लक्षण सामने आते हैं।

क्या हैं उपचार
निवारक उपचार : जिन लोगों को टेटनेस के खिलाफ संपूर्ण या आंशिक टीका लगाया गया है, उनमें टेटनस के संक्रमण का खतरा काफी कम होता है।
रोगसूचक उपचार: जिन लोगों में सक्रिय टेटनेस संक्रमण के लक्षण विकसित हैं, उनमें टेटनेस के लक्षणों के उपचार के लिए दवाओं का उपयोग किया जाता है। इनमें शामिल होती हैं-
’   दर्द दूर करने वाली दवाएं।
’   मांसपेशी स्थिरता वाली दवाएं।
’   नयूरोमस्कुलर फ्लकिंग एजेंट्स।
टीकाकरण है जरूरी : टेटनेस को टीकाकरण के द्वारा रोका जा सकता है। वयस्कों को हर दस वर्ष में बूस्टर टीका दिया जाना चाहिए। यानी टीकाकरण जरूरी है।

(डॉ. डी. के. चौहान से की गई बातचीत पर आधारित)


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