Nirbhaya Rape Case: Pawan Jallad Did Last Dummy Trial In Tihar Jail – निर्भया को न्याय: पवन जल्लाद ने फांसी के लिए मापा दोषियों का वजन! लीवर खिंचते ही फंदे पर लटके पुतले

0
37


नई दिल्ली। तमाम कानूनी दांव-पेचों के बाद आखिरकार गुरुवार को तय हो गया कि निर्भया ( Nirbhaya Rape Case ) के हत्यारे शुक्रवार (20 मार्च 2020) को ही तड़के करीब साढ़े पांच बजे तिहाड़ जेल ( Tihar Jail ) में फांसी के फंदे पर लटकाए जाएंगे।

ज्यों-ज्यों मुजरिमों को लटकाए जाने का वक्त घटता जा रहा है, त्यों-त्यों तिहाड़ जेल प्रशासन अपनी तैयारियों को मुकाम की ओर बढ़ाता जा रहा है।

कोरोना वायरस: चीन से जीता पर सिंगापुर से हारा कोरोना वायरस, जानें कैसे छोटे से मुल्क ने जानलेवा कारोना को हराया

 

h.png

गुरुवार को दोपहर बाद पवन जल्लाद ( Pawan Jallad ) ने तिहाड़ जेल अधिकारियों की मौजूदगी में आखिरी ‘डमी-ट्रायल’ को अंजाम दिया था।

उसके बाद शाम करीब 6 बजे एक चाबी तिहाड़ जेल नंबर-3 के अधीक्षक के हवाले की। जल्लाद से चाबी लेते वक्त अधीक्षक के साथ जेल नंबर तीन में जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट भी मौजूद थे।

निर्भया के गुनहगार अक्षय की याचिका खारिज होते ही फूट पड़ी पत्नी, बोली— मुझे भी लटका दो

 

g_5.png

चाबी सौंपने के बाद पवन जल्लाद दोनों अफसरों को फांसीघर के पास मौजूद एक कोठरी में ले गया। वहां जाकर दोनों अधिकारियों से पवन जल्लाद ने लोहे का एक बक्सा खोलने को कहा।

बक्सा खोलने पर दोनों अधिकारियों को उसके अंदर चार मुंह बंद कपड़े के थैले रखे मिले।

इन थैलों के मुंह जब खोले गए, तो उनके अंदर फांसी पर टांगने के लिए तैयार किए गए चार अलग-अलगे रस्से (फंदे) रखे मिले।

निर्भया के गुनहगारों को कल दी जाएगी फांसी, जानें मौत से पहले कैसे बीतेंगे उनके आखिरी घंटे?

 

ggg_1.png

फंदों की जांच जेल के दोनों अधिकारियों से कराने के बाद पवन जल्लाद ने दुबारा पहले की ही तरह चारों थैलों को बंद करा दिया।

इसके बाद एक सादा कागज पर जेल अफसरों से मिली पर्ची अपनी जेब में रख ली।

तिहाड़ जेल सूत्रों ने गुरुवार शाम आईएएनएस को बताया कि जेल अफसरों द्वारा पवन जल्लाद को सौंपी गई पर्ची में बक्से में बंद फांसी के रस्सों की जांच और बक्से की चाबी प्राप्त कर लेने की बात दर्ज थी।

कोरोना वायरस की हर चुनौती से निपटने को तैयार भारत, पीएम मोदी करेंगे मुख्यमंत्रियों से बात

 

सूत्रों के मुताबिक, अब जेलर के पास मौजूद चाबी से ही शुक्रवार तड़के जेल नंबर तीन के फांसीघर में रखे गए इसी बक्से को खोला जाएगा।

बक्सा जेल के बाकी अन्य तमाम अफसरों की मौजूदगी में जेल अधीक्षक और उपाधीक्षक (सुपरिंटेंडेंट और डिप्टी सुपरिंटेंडेंट) से ही खुलवाया जाएगा, ताकि अंतिम समय पर फांसी के फंदों को लेकर किसी तरह भी कहीं किसी शक की गुंजाइश बाकी न रहे।











LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here