One Million Files Of Indian Patients Leaked Including Patient Name Date Of Birth And Id – 10 लाख भारतीयों की एक्सरे और मेडिकल रिपोर्ट हुई सार्वजनिक

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अभी तक फेसबुक और सोशल मीडिया डाटा लीक की ही रिपोर्ट सामने आती थी लेकिन अब मेडिकल डाटा भी लीक होने लगी है। करीब 10 लाख भारतीय मरीजों का डाटा लीक हुआ है जिनमें एक्सरे, सीटी स्कैन और डॉक्टर की रिपोर्ट शामिल हैं। इसका खुलासा जर्मनी की सिक्योरिटी फर्म ग्रीनबोन नेटवर्क्स (Greenbone Networks) ने किया है।

इकोनॉमिक्स टाइम्स  की एक रिपोर्ट के मुताबिक इंटरनेट पर मौजूद डाटा में मरीज का नाम, जन्म तारीख, ई-मेल, अस्पताल का नाम, मरीज को देख रहे डॉक्टर का नाम जैसी जानकारियां मौजूद हैं। डाटा लीक का एक स्क्रीनशॉट भी सामने आया है, हालांकि वह काफी धुंधला है।

इस डाटा लीक में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल और उत्कर्ष स्कैन के डाटा शामिल हैं। ये सभी डाटा एक वेबसाइट पर मौजूद हैं, जहां से इन्हें कोई भी डाउनलोड कर सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस सर्वर पर इन डाटा को रखा गया है वह सिक्योर नहीं है।

ये भी पढ़ेंः डार्क वेब पर 3,000 सरकारी ई-मेल लीक, सूचना मंत्रालय का भी डाटा हुआ सार्वजनिक

दरअसल मेडिकल में प्रैक्टिस के लिए एक खास फाइल फॉर्मेट का इस्तेमाल होता है जिसे डिजिटल इमेजिंग एंड कंम्यूनिकेशन इन मेडिसिंस (DICOM) कहा जाता है। इस फॉर्मेट में मेडिकल से संबंधित फोटो शेयर और स्टोर की जाती हैं। DICOM को पिक्चर आर्काइविंग एंड कंम्यूनिकेशन सिस्टम (PACS) सर्वर पर स्टोर किया जाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसी सर्वर में सेंध लगी है, क्योंकि यह सर्वर सिक्योर नहीं था। इस सर्वर पर मरीजों के रिपोर्ट की फोटोज बिना पासवर्ड मौजूद है।

वहीं इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद ब्रीच कैंडी अस्पताल ने कहा है कि मरीजों का डाटा एसएसएल सर्टिफिकेशन के साथ मौजूद है। अस्पताल के एक प्रवक्ता ने बताया कि लीक हुए डाटा अस्पताल के सर्वर से चोरी नहीं हुए हैं। अस्पताल के सर्वर को बिना पासवर्ड एक्सेस नहीं किया जा सकता है। इस डाटा लीक पर उत्कर्ष स्कैन ने अभी तक कोई बयान नहीं दिया है। वहीं इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने भी कोई जवाब नहीं दिया है।

अभी तक फेसबुक और सोशल मीडिया डाटा लीक की ही रिपोर्ट सामने आती थी लेकिन अब मेडिकल डाटा भी लीक होने लगी है। करीब 10 लाख भारतीय मरीजों का डाटा लीक हुआ है जिनमें एक्सरे, सीटी स्कैन और डॉक्टर की रिपोर्ट शामिल हैं। इसका खुलासा जर्मनी की सिक्योरिटी फर्म ग्रीनबोन नेटवर्क्स (Greenbone Networks) ने किया है।

इकोनॉमिक्स टाइम्स  की एक रिपोर्ट के मुताबिक इंटरनेट पर मौजूद डाटा में मरीज का नाम, जन्म तारीख, ई-मेल, अस्पताल का नाम, मरीज को देख रहे डॉक्टर का नाम जैसी जानकारियां मौजूद हैं। डाटा लीक का एक स्क्रीनशॉट भी सामने आया है, हालांकि वह काफी धुंधला है।

इस डाटा लीक में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल और उत्कर्ष स्कैन के डाटा शामिल हैं। ये सभी डाटा एक वेबसाइट पर मौजूद हैं, जहां से इन्हें कोई भी डाउनलोड कर सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस सर्वर पर इन डाटा को रखा गया है वह सिक्योर नहीं है।

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दरअसल मेडिकल में प्रैक्टिस के लिए एक खास फाइल फॉर्मेट का इस्तेमाल होता है जिसे डिजिटल इमेजिंग एंड कंम्यूनिकेशन इन मेडिसिंस (DICOM) कहा जाता है। इस फॉर्मेट में मेडिकल से संबंधित फोटो शेयर और स्टोर की जाती हैं। DICOM को पिक्चर आर्काइविंग एंड कंम्यूनिकेशन सिस्टम (PACS) सर्वर पर स्टोर किया जाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसी सर्वर में सेंध लगी है, क्योंकि यह सर्वर सिक्योर नहीं था। इस सर्वर पर मरीजों के रिपोर्ट की फोटोज बिना पासवर्ड मौजूद है।

वहीं इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद ब्रीच कैंडी अस्पताल ने कहा है कि मरीजों का डाटा एसएसएल सर्टिफिकेशन के साथ मौजूद है। अस्पताल के एक प्रवक्ता ने बताया कि लीक हुए डाटा अस्पताल के सर्वर से चोरी नहीं हुए हैं। अस्पताल के सर्वर को बिना पासवर्ड एक्सेस नहीं किया जा सकता है। इस डाटा लीक पर उत्कर्ष स्कैन ने अभी तक कोई बयान नहीं दिया है। वहीं इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने भी कोई जवाब नहीं दिया है।


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