Russia And China Are Making The World Unsafe: Pompeo   – दुनिया को असुरक्षित बना रहे रूस और चीन : पोम्पियो

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अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने शनिवार को चीन और रूस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, ये दोनों देश दुनिया में अविश्वास और असुरक्षा का माहौल पैदा करने के जिम्मेदार हैं। म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए पोम्पियो ने 2014 में रूस द्वारा क्रीमिया पर अधिकार, ईरान के साइबर हमलों और चीन की आर्थिक दादागिरी पर कहा कि ये देश अभी भी अपना साम्राज्य जमाने की इच्छा रखते हैं।

जर्मनी के राष्ट्रपति  फ्रैंक-वाल्टर स्टेनमियर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पोम्पियो ने यह दावा भी किया कि आखिरकार पश्चिमी विचारधारा और आदर्शों की ही जीत होगी। दरअसल, स्टेनमियर ने शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर अप्रत्यक्ष हमला करते हुए कहा था कि उनके प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के विचार को खारिज कर दिया। जर्मनी के राष्ट्रपति ने देशों के बीच अविश्वास और असुरक्षा की भावना के लिए अमेरिका के साथ रूस और चीन को जिम्मेदार ठहराया था। पोम्पियो इसी का जवाब दे रहे थे।

चीन की हुआवे को भी घेरा

पोम्पियो ने कहा कि रूस, ईरान और चीन अपना प्रभाव बनाने के लिए साइबर तकनीक का सहारा लेते हैं। चीन की सरकार के समर्थन से चलने वाली हुआवे और अन्य तकनीकी कंपनियां उसके लिए खुफिया जानकारियां जुटाने का जरिया हैं। रूस फेक न्यूज के जरिये लोगों के बीच वैमनस्य फैलाने की साजिश करता है और ईरान के साइबर हमले पूरे मध्यपूर्व के लिए खतरा बने हुए हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने शनिवार को चीन और रूस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, ये दोनों देश दुनिया में अविश्वास और असुरक्षा का माहौल पैदा करने के जिम्मेदार हैं। म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए पोम्पियो ने 2014 में रूस द्वारा क्रीमिया पर अधिकार, ईरान के साइबर हमलों और चीन की आर्थिक दादागिरी पर कहा कि ये देश अभी भी अपना साम्राज्य जमाने की इच्छा रखते हैं।

जर्मनी के राष्ट्रपति  फ्रैंक-वाल्टर स्टेनमियर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पोम्पियो ने यह दावा भी किया कि आखिरकार पश्चिमी विचारधारा और आदर्शों की ही जीत होगी। दरअसल, स्टेनमियर ने शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर अप्रत्यक्ष हमला करते हुए कहा था कि उनके प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के विचार को खारिज कर दिया। जर्मनी के राष्ट्रपति ने देशों के बीच अविश्वास और असुरक्षा की भावना के लिए अमेरिका के साथ रूस और चीन को जिम्मेदार ठहराया था। पोम्पियो इसी का जवाब दे रहे थे।

चीन की हुआवे को भी घेरा

पोम्पियो ने कहा कि रूस, ईरान और चीन अपना प्रभाव बनाने के लिए साइबर तकनीक का सहारा लेते हैं। चीन की सरकार के समर्थन से चलने वाली हुआवे और अन्य तकनीकी कंपनियां उसके लिए खुफिया जानकारियां जुटाने का जरिया हैं। रूस फेक न्यूज के जरिये लोगों के बीच वैमनस्य फैलाने की साजिश करता है और ईरान के साइबर हमले पूरे मध्यपूर्व के लिए खतरा बने हुए हैं।


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