Sangakkara’s MCC XI Beat Lahore Qalandars By 4 Wickets – संगकारा की एमसीसी एकादश ने लाहौर कलंदर्स को दी 4 विकेट से मात

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यह वही जगह है, जहां 11 पहले Kumar Sangakkara आतंकवादी हमले में घायल हो गए थे। उनके कंधे में चोट लगी थी।

लाहौर : आखिरी ओवर तक चले इस रोमांचक मुकाबले में एमसीसी एकादश ने पाकिस्तान क्रिकेट लीग की टीम लाहौर कलंदर्स को चार विकेट से हराया। मेजबान टीम ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 135 रन बनाकर एमसीसी एकादश के सामने जीत के लिए 136 रनों का लक्ष्य रखा। इसे मेहमान टीम ने 19.3 ओवर में छह विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस जीत में (Kumar Sangakkara) 25 रनों का योगदान दिया।

ऐसा रहा खिलाड़ियों का प्रदर्शन

लाहौर कलंदर्स की ओर से फखर जमां ने 45 और सोहेल अख्तर 40 की पारी खेली। इनके अलावा और कोई बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल पाया। एमसीसी एकादश के गेंदबाजों ने उन्हें खुलकर खेलने नहीं दिया। एमसीसी की तरफ से रॉल्फ वान डर मर्व ने दो विकेट लिए।
वहीं एमसीसी टीम की ओर से रवि बोपारा ने सर्वाधिक 41 रन बनाए। उनके अलावा समित पटेल ने 31 रनों का योगदान दिया तो 11 साल बाद लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेल रहे कुमार संगकारा ने भी अच्छी बल्लेबाजी की। उन्होंने जीत में 25 रनों का योगदान दिया।

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11 साल पहले यहीं संगकारा आतंकी हमले के हुए थे शिकार

11 पहले श्रीलंका की टीम पर लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम के बाहर ही आतंकवादी हमला हुआ था। इस हमले में घायल होने वाले खिलाड़ियों में कुमार संगकारा भी शामिल थे। शुक्रवार 14 जनवरी को जब वह स्टेडियम में खेलने उतरे होंगे तो उनकी जेहन में वह खौफनाक मंजर जरूर रहा होगा। लेकिन अपनी बल्लेबाजी से उन्होंने साबित किया कि वह उस बुरी याद से उबर चुके हैं। मार्च 2009 के उस आतंकवादी हमले में आठ लोग मारे गए थे। संगकारा के कंधे में चोट आई थी, जबकि एक गोली उनके सिर के बेहद करीब से निकल गई थी। बस में बैठे सारे श्रीलंकाई क्रिकेटर नीचे लेट गए थे।

स्थिति सामान्य हो रही

अब पाकिस्तान का माहौल बदल रहा है। यहां की स्थितियां अब सामान्य नजर आ रही है। संगकारा के नेतृत्व में इंग्लैंड की मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) टीम लाहौर में चार मैच खेलेगी। बाकी के मैच उन्हें 16, 17 और 19 फरवरी को खेलने हैं। बाढ़ पीड़ितों के सहायतार्थ यह सीरीज खेली जा रही है। संगकारा ने यहां पहुंचकर कहा था कि दुनिया भर में सुरक्षा का मसला अहम हो गया है। पिछले कुछ साल में पाक ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जो कदम उठाए हैं, उससे टीमों में आत्मविश्वास पैदा हुआ है। लाहौर में उनके खेलने से मजबूत संकेत जाएगा। उन्होंने कहा था कि संकेत देने का सबसे अच्छा तरीका मैदान पर अच्छा खेल दिखाना होगा और उन्होंने अपनी बल्लेबाजी के दौरान इस बात को साबित किया।

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10 साल पहले ले चुके हैं संन्यास

कुमार संगकारा लाहौर हमले के बाद ज्यादा दिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नहीं खेले थे। उसी साल दिसंबर में उन्होंने भारत के खिलाफ अपना अंतिम टेस्ट मैच खेला था और अगले साल 2010 जून में भारत के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज में खेलकर अपना बल्ला टांग दिया था। उन्हें क्रिकेट से संन्यास लिए एक दशक हो चुके हैं। इसके बावजूद जब वह मैदान पर बल्लेबाजी करने उतरे तो उतने ही फिट नजर आए और उनके खेल में उतना ही पैनापन दिखा।












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