Spanish Flu Spread 100 Years Ago By Indian Railway In India Effects Women More Than Men – स्पेनिश फ्लू: रेल के जरिए भारत में फैली थी यह महामारी, महिलाओं पर हुआ था ज्यादा असर

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बीबीसी हिंदी, Updated Wed, 29 Apr 2020 01:51 AM IST

साल 1918 में हिंदी के मशहूर कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला 22 साल के रहे होंगे। उन्होंने अपनी आत्मकथा कुल्ली भाट में लिखा था- मैं दालमऊ में गंगा के तट पर खड़ा था। जहां तक नजर जाती थी गंगा के पानी में इंसानी लाशें ही लाशें दिखाई देती थीं। मेरे ससुराल से खबर आई कि मेरी पत्नी मनोहरा देवी भी चल बसी हैं। मेरे भाई का सबसे बड़ा बेटा जो 15 साल का था और मेरी एक साल की बेटी ने भी दम तोड़ दिया था।

उन्होंने लिखा था- मेरे परिवार के और भी कई लोग हमेशा के लिए जाते रहे थे। लोगों के दाह संस्कार के लिए लकड़ियां कम पड़ गई थीं। पलक झपकते ही मेरी परिवार मेरी आंखो के सामने से ग़ायब हो गया था। मुझे अपने चारों तरफ अंधेरा ही अंधेरा दिखाई देता था। अखबारों से पता चला था कि ये सब एक बड़ी महामारी के शिकार हुए थे।

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