TERRORISM – आतंकवाद

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आतंकवाद का अर्थ है भय का सिद्धान्त | जब डर के माध्यम से किसी बात का समर्थन कराया जाता है तब आतंकवाद का वास्तविक रूप सामने आता है | आज संसार में ऐसा कोई देश नहीं है जहां किसी ना किसी बात का आतंक ना हो | केवल रूप अलग अलग है | आतंकवाद शब्द सुनने से ही मानव जाती का दिल दहल जाता है | आतंकवादियो के दिल कठोर और निर्मम होते है |
उन्हे किसी हानी लाभ से मतलब नहीं होता उनका एकमात्र उदेश्य अपने आतंक को फेलाना होता है | उन्हे किसी की मासूम के अनाथ होने की चिंता नहीं होती | उनका एकमात्र उदेश्य अपने लक्ष्य की प्राप्ति करना होता है |आतंकवादी कहीं से बनकर नहीं आते, वे भी एक समाज के ऐसे अंग है जिंनका काम आतंकवाद के माध्यम से किसी धर्म, समाज अथवा राजनीति का समर्थन कराना होता है | उनका मार्ग हिंसात्मक होता है | वे शासन का विरोध करने में बिलकुल नहीं हिचकिचाते |
उनके कारण शासन में विभिन्न प्रकार की बाधाये उत्पन्न होने लगती है | वे जनता को अपनी बात को मनवाने के लिए विवश कर देते है | हमारे देश भारत में अनेक धर्म के लोग है, जैसे हिन्दू, मुस्लिम, सीख, ईसाई, कबीरपंथी, वैष्णव, निरंकारी, पार्सि, आदि | ये सभी अपने अपने धर्म का अनुसरण करते है | कभी कभी धर्मो के बीच टकराव की स्थिती आ जाती है |कुछ लोग मानव धर्म को भूल जाते है, साथ ही सभी अपना-अपना आतंक कायम करना चाहते है, इसी कारण एक दूसरे के शत्रु बनकर आतंकवादी बन जाते है |
इसी कारण आज सारे देश में आतंकवाद फैला हुआ है | आतंकवाद के कारण आम आदमी खुद  को असुरक्षित महसूस करता है | आतंकवाद से देश की आंतरिक स्तिथी बिगड़ जाती है |आतंकवाद हर देश के लिए एक गंभीर समस्या बन जाता है | अभी हालही में हुआ कार्गिल युद्ध इसी का परिणाम है | बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र मध्य प्रदेश और उड़ीसा नक्स्ल्वाद के प्रमुख क्षेत्र है | कुछ देश के गद्दार विदेशी गुटो से पैसे के लिए जा मिलते है और आतंकवादी बन अपने ही देश को हानी पहुचाते है | भारत में जम्मू – कश्मीर आतंकवाद का प्रमुख अड्डा बना हुआ है | अब विभिन्न आतंकवादी गुट नियोजित तरीके से कार्य कर रहे है |
वे अपना प्रमुख उदेश्य सरकार को कमजोर करने और अपने शासन चलाने का प्रयास करते है | आतंकवाद से जातिवाद, सांप्रदायिकता और आतंकवाद को बड़ावा मिलता है जो की देश के लिए घातक है | कुछ क्षेत्रो में आतंकवादी हमारे नौजवानो को नौकरी दिलाना, असीमित धन देकर ठग कर अपने साथ जोड़ लेते है और उन्हे आतंकवादी बनने पर मजबूर कर देते है |वे बाद में कहीं के नहीं रहते |
आतंकवादी परंपरा आज से नहीं कई वर्षो से चली आ रही है | हम सबको मिलकर आतंकवाद का सामना करना होगा जिससे देश को बचाना बहुत आवश्यक है |यदि समय रहते प्रयास ना किए गए तो परिणाम भयंकर हो सकते है | आज आतंकवाद विश्व की समस्या बन चुका है | आतंकवाद की समाप्ती के बाद ही आम आदमी आराम से शांतिपूर्ण जीवन व्यवतीत कर सकेगा |

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