Traffic Reduces 90 Percent In All Main Cities Worldwide, Tourism Industry Destroyed – विश्व के प्रमुख शहरों में 90 फीसदी तक थमा यातायात, पर्यटन उद्योग पर ‘फुल लॉकडाउन’

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लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 17 Apr 2020 09:53 AM IST

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कोरोना वायरस के संक्रमण काल में दुनियाभर के कई देशों में लॉकडाउन चल रहा है। इससे पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है। खासकर स्विटजरलैंड, इटली जैसे उन देशों का और भी बुरा हाल है, जहां पर्यटन उद्योग ही अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। भारत में भी ऐसे ही हालात हैं कि जो जहां हैं, वहीं रह रहे हैं। किसी भी तरह की यात्रा पर रोक है। केवल जरूरी सामानों की आपूर्ति के लिए ही वाहन चल रहे हैं। 

दुनिया के प्रमुख देशों में लगाए गए लॉकडाउन से अधिकतर शहरों में यातायात 60 से 90 फीसदी तक थम गया है। यह दावा एपल ने मंगलवार को नई लॉन्च की गई वेबसाइट के जरिएं किया। इसके लिए उसने लोगों से जुटाए डाटा को आधार बनाया।

एपल के अनुसार वेबसाइट ने प्रमुख शहरों में लोगों के आवागमन का आकलन करके आंकड़े तैयार किए हैं। इसके लिए एपल-मैप्स की मदद लेने वाले लोगों के डाटा को उपयोग किया गया। वहीं निजता के अधिकारों का समर्थन करने वाले जानकारों ने उसकी इस प्रणाली का कड़ा विरोध किया है।

कहां कितना असर

  • हांगकांग में जनवरी के दूसरे पखवाड़े से यातायात 60 फीसदी कम हुआ
  • सियोल में भी यातायात के यही हालात हैं
  • रोम और लंदन में मार्च के शुरुआत से 90 फीसदी गिरावट आ चुकी
  • न्यूयॉर्क सिटी में मार्च से ही 80 फीसदी यातायात घटा
  • सिडनी में भी मार्च से गिरावट आई

सिंगापुर में जनवरी के बाद तो ज्यादा गिरावट नहीं थी, लेकिन अप्रैल में यातायात तेजी से कम हुआ।

कोरोना वायरस के संक्रमण काल में दुनियाभर के कई देशों में लॉकडाउन चल रहा है। इससे पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है। खासकर स्विटजरलैंड, इटली जैसे उन देशों का और भी बुरा हाल है, जहां पर्यटन उद्योग ही अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। भारत में भी ऐसे ही हालात हैं कि जो जहां हैं, वहीं रह रहे हैं। किसी भी तरह की यात्रा पर रोक है। केवल जरूरी सामानों की आपूर्ति के लिए ही वाहन चल रहे हैं। 

दुनिया के प्रमुख देशों में लगाए गए लॉकडाउन से अधिकतर शहरों में यातायात 60 से 90 फीसदी तक थम गया है। यह दावा एपल ने मंगलवार को नई लॉन्च की गई वेबसाइट के जरिएं किया। इसके लिए उसने लोगों से जुटाए डाटा को आधार बनाया।

एपल के अनुसार वेबसाइट ने प्रमुख शहरों में लोगों के आवागमन का आकलन करके आंकड़े तैयार किए हैं। इसके लिए एपल-मैप्स की मदद लेने वाले लोगों के डाटा को उपयोग किया गया। वहीं निजता के अधिकारों का समर्थन करने वाले जानकारों ने उसकी इस प्रणाली का कड़ा विरोध किया है।

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