UN’s keen eye on Delhi violence, said- Mahatma Gandhi’s spirit is most important at this time

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संयुक्त राष्ट्र। राजधानी दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून ( CAA ) और एनआरसी ( NRC ) को लेकर सोमवार से बुधवार तक जिस तरह से हिंसा को अंजाम दिया गया उसके जख्म दशकों तक लोग भूल नहीं पाएंगे। दिल्ली हिंसा ( Delhi Violence ) को लेकर संयुक्त राष्ट्र ( United Nation ) पैनी नजर बनाए हुए है और अब तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ( Stephane Dujarric ) ने कहा कि दिल्ली में जिस तरीके से हिंसा हुई है, उसे देखते हुए आज महात्मा गांधी की सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज के हालात में महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi ) की भावना (अहिंसा) सबसे ज्यादा जरूरी है और सामुदायिक सामंजस्य बनाए रखने के लिए केंद्र में इसे होना चाहिए।

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डुजारिक ने कहा कि दिल्ली हिंसा पर UN महासचिव एंटोनियो गुटेरस ( UN Secretary General Antonio Guterres ) नजर बनाए हुए हैं। बता दें कि राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी हिस्से में सोमवार से शुरू हुई हिंसा की घटना बुधवार देर रात तत चलती रही और पुलिस-प्रशासन लाचार व बेबस नजर आई। इस हिंसा में दिल्ली पुलिस का हेड कॉन्सटेबल रतनलाल ( Head Constable Ratanlal ) समेत 38 लोगों की जान चली गई, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हो गए।

‘लोगों को शांतपूर्वक प्रदर्शन करने की जरूरत’

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक से दिल्ली हिंसा पर जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने अपनी डेली मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि लोगों को शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने की अनुमति मिलनी चाहिए और सुरक्षा बलों को संयम रखना चाहिए।

हालांकि जब इस हिंसा में मारे गिए दिल्ली पुलिस के हेड काउंस्टेबल रतन लाल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को अपना विरोध शांतिपूर्ण तरीके से जताना चाहिए। आगे बोलते हुए डुजारिक ने कहा कि UN महासिचव दिल्ली हिंसा को लेकर पल-पल नजर बनाए हुए हैं।

हिंसा में अब तक 38 की मौत

आपको बता दें कि सोमवार से शुरू हुई हिंसात्मक प्रदर्शन में अब तक 38 लोगों की मौत हो चुकी है। 24 फरवरी को इस उग्र हिंसा में घायल हुए 215 से अधिक लोगों को जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लगभग सभी को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। केवल 51 लोग जिन्हें अधिक गंभीर चोटें लगी थी वे उनका अभी भी इलाज चल रहा है।

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बताया जा रहा है कि 24 फरवरी को जीटीबी अस्पताल से 25 लोगों को मृत अवस्था में लाया गया। इनमें से 9 की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके अलावा लोकनायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल ( LNJP ) में बुधवार को इलाज के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।

जग प्रवेश चंद्र अस्पताल में भी गुरुवार को एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। इस तरह से अब तक कुल 38 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हिंसा में 200 से अधिक लोग घायल हुए। इनमें से अधिकतक को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है।

सुरक्षा बलों का फ्लैग मार्च

आपको बता दें कि बीते मंगलवार को जब हालात बेकाबू हो गए तब अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया। लेकिन इसके बावजूद भी हिंसा में कोई कमी नहीं देखी गई। इसके बाद दिल्ली के कई इलाकों में एक महीने के लिए धारा 144 लगा दिया गया और उपद्रवियों से निपटने के लिए सुट एट साइट को ऑर्डर दे दिया गया।

इसके बाद शासन-प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए हालात पर गुरुवार को काबू पाया। गुरुवार को किसी तरह की हिंसा नहीं हुई। पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों ने हिंसा प्रभावित इलाकों में लगातार फ्लैग मार्च किया और अभी भी जारी है।

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आगे किसी भी तरह की हिंसा से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर है। इसके अलावा उपद्रवियों व हिंसा को भड़काने वाले की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। अब तक पुलिस 18 एफआईआर दर्ज किया है, जबकि 106 लोगों को गिरफ्तार किया है और आगे कार्रवाई जारी है।

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