What To Do If You Are A Yes Bank Share Holder – 3 साल के लिए लॉक हुए Yes Bank के शेयर, आपके फंड और आप क्या होगा असर

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शेयर मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर किसी ने डायरेक्ट यस बैंक में इंवेस्ट कर रखा है या उनके पोर्टफोलियों में यस बैंक है तो असेट बैलेंसिंग के लिए अन्य बैंकिंग शेयरों को बेचने की आवश्यकता हो सकती है

नई दिल्ली: 13 मार्च को सरकार ने Yes Bank का रीकंस्ट्रक्शन प्लान रख दिया है । इसके तहत कंपनी के 75 फीसदी शेय़र्स को 3 साल के लिए लॉक कर दिया गया है। इसके बाद सिर्फ 100 से ज्यादा शेयरधारक ही अपने शेयर्स को शेयर मार्केट में बेच सकते हैं ।

भारतीय अर्थतंत्र में ये पहली बार हुआ है और इसके चलते 16.18 लाख शोयर होल्डर्स को नुकसान उठाना पड़ सकता है । इनमें से कई ऐसे होंगे जिनके पास 100 से ज्यादा शेयरहोल्डर हो सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 2018 में जब yes bank अपने पीक पर था उस समय यस बैंक के 100 शेयर्स की कीमत ₹39,320 थी । रीटेल शेयरहोल्डर से मतलब है ऐसे इंसान जिसके पास 2 लाख रुपए के शेयर्स होंगे । यस बैंक में 43.66 फीसदी शेयरधारक रीटेल शेयरहोल्डर के दायरे में आते हैं । ₹2 लाख से ज्यादा शेयर रखने वाले शेयरहोल्डर्स 4.3 फीसदी होंगे ।

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यहां पर ध्यान रखने वाली यस बैंक निफ्टी 50 इंडेक्स और निफ्टी बैंक इंडेक्स का हिस्सा है इसका मतलब ये होता है कि अगर ये इकाइयां 3 साल के लिए लॉक हो जाती हैं तो बैंक अपने नियमों को इन पर नहीं चलाता है। शेयर मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर किसी ने डायरेक्ट यस बैंक में इंवेस्ट कर रखा है या उनके पोर्टफोलियों में यस बैंक है तो असेट बैलेंसिंग के लिए अन्य बैंकिंग शेयरों को बेचने की आवश्यकता हो सकती है । लेकिन Futures and Options (F&O) सेगमेंट के माध्यम से निवेश करने वालों को मश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।








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