When Mohammad Kaif Proved Wrong Dada And English Cricket Team – जब मोहम्मद कैफ ने अंग्रेजों के साथ दादा को भी साबित किया गलत

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Mohammad Kaif और Yuvraj Singh इंस्टाग्राम लाइव चैट पर आए और इन दोनों 2002 में इंग्लैंड खेले गए नेटवेस्ट सीरीज के फाइनल की यादें ताजा की।

नई दिल्ली : कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण दुनिया के कई देशों में लॉकडाउन है। इस दौरान पूरी दुनिया में क्रिकेट बंद है। इस दौरान वर्तमान और पूर्व क्रिकेटर सोशल मीडिया के जरिये प्रशंसकों के साथ खेल और निजी जिंदगी के रोचक किस्से शेयर कर रहे हैं। इसी कड़ी में अपने जमाने के टीम इंडिया के दो सुपर हीरो मोहम्मद कैफ (Mohammad Kaif) और युवराज सिंह (Yuvraj Singh) इंस्टाग्राम पर आए और लाइव चैट के जरिये 2002 में इंग्लैंड खेले गए नेटवेस्ट सीरीज के फाइनल की यादें ताजा की। फाइनल में इन दोनों ने अद्भुत पारी खेलकर हारी हुई बाजी को जीत में बदल दिया था। इंग्लैंड ने भारत के सामने 325 रनों की जीत का लक्ष्य रखा था। इन दोनों ने यादगार पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई थी। यह वही सीरीज है, जिसमें जीत के बाद सौरव गांगुली ने लॉर्ड्स की बालकनी से अपनी जर्सी उतारकर लहराई थी।

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कैफ जब बल्लेबाजी करने आए तो मुश्किल थे हालात

चैट के दौरान युवराज ने कैफ से पूछा- जब आप बल्लेबाजी करने आए सचिन आउट हो चुके थे। भारत हार गया है, यह मानकर आधा स्टेडियम खाली हो गया था। इंग्लैंड भी ऐसे जश्न मना रहा था, जैसे वह फाइनल जीत गया हो। क्या आपको याद है कि जब आप बल्लेबाजी करने आए तो क्या कहा था?
कैफ बोले, ठीक से याद है। उस वक्त उन्होंने यही कहा था कि युवराज सिंह मैदान पर खड़ा है तो मैच में जान है। कैफ ने बताया कि उनका स्ट्राइक रेट रन प्रति बॉल एक रन का होता था, जबकि आपका 130-140 का था। आप 6 गेंद पर 10 रन बना सकते थे, जबकि वह छह गेंद पर सिर्फ छह रन। कैफ ने यह भी बताया कि उन्हें यही भूमिका दी गई थी कि युवराज क्रीज पर है और वह सिर्फ उनका साथ दें। इस दौरान सौरव गांगुली बालकनी में से कह रहे थे कि एक रन लो एक रन।

कैफ ने युवराज से कहा था खेलेंगे

युवराज सिंह ने कैफ से पूछा कि जब आप बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर आए तो याद है क्या कहा था। इस पर कैफ ने कहा कि उन्होंने कहा था कि युवी खड़े रहना पार्टनरशिप बनाना है। उन्होंने कहा कि यह तो वह हमेशा कहते थे। युवराज ने कैफ को रोका कर पूछा कि जब बल्लेबाजी करने आए और हमदोनों ने खेलने से पहले जब आपस में ग्लब्स टकराया, तब क्या कहा था। आपने कहा था- खेलेंगे। वह बस एक शब्द था। इसके बाद हम दोनों के बीच पार्टनरशिप हुई थी। युवराज ने कहा कि वह लगातार बाउंड्री मार रहे थे। कैफ जब भी स्ट्राइक पर आते, दादा उधर से चिल्लाते युवी को सिंगल दे। कैफ ने कहा कि इसके बाद अगली गेंद शॉर्ट पिच थी और उन्होंने पुल किया तो सिक्स चला गया।

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छक्के से कैफ का बढ़ा आत्मविश्वास

युवराज ने कहा कि सिक्स लगाने के बाद आपका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ था। और आपने कहा था कि हम भी खेलने आए हैं। इसके बाद दादा का बालकनी से चिल्लाना बंद हो गया था। वह चुप हो गए। उन्हें लगा कि यह खिलाड़ी भी सिक्स मार सकता है और युवराज का साथ देगा। इसी समय दादा का संदेशा लेकर एक लड़का पानी लेकर आने वाला था। लेकिन दादा को कैफ पर भरोसा हो गया और वह नहीं आया। इसके बाद युवराज ने कैफ से पूछा कि उनके हिसाब से वह कैफ के करियर की सबसे बेहतरीन पारी थी। इसकी वजह बताते हुए कहा कि उस वक्त उनका अनुभव कम था और वह मैच काफी बड़ा था। इस पा मोहम्मद कैफ ने भी सहमति में सिर हिलाया।







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